बच्चों की रखे सही देखवाल Bachho Ki Rakhe Sahi Dekhbhal

बरसात का मौसम सबसे अधिक बच्चों को प्रिय होता है. बारिश के पानी में कागज की नाव चलाना, बारिश में भीगना, पानी में खेलने में तो हर बच्चे को मजा आता है. पर यहीं मजा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. जब मजा ही आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए सजा बन जाए तब जरूरत होती है कुछ ऐसे उपचारों की जिनकी मदद से स्वास्थ्य की रक्षा भी हो सके और जिनका सेहत पर कोई नकारात्मक प्रभाव भी न हो(Bachho ke swasthya ka Rakhe Vishesh Dhyan). Read More – बरसात के मौसम में बच्चों का ख्याल

बारिश के मौसम में पानी एकत्रित होने से उसमें मच्छर पनपते है. यही मच्छर डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसे घातक रोगों का कारण होते हैं. इसके अतिरिक्त आज बच्चों को जंक फूड खाने का शौक होता है. बारिश में ऐसा तला मसालेदार व गरिष्ठ भोजन करने से पाचन तंत्र संबंधी कई रोग हो सकते हैं साथ ही दूषित जल का सेवन करना टाइफाइड, हैजा जैसे रोगों को बुलावा देता है. कहने का अर्थ है इस मौसम में खान पान की स्वच्छता का ख्याल रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. अन्यथा रोगों का संक्रमण होते देर नहीं लगती(Bachho ko Infection se Bachay).

किसी भी रोग के इलाज का सर्वश्रेष्ठ उपाय है ऐसी औषधियों का प्रयोग करना जिनका कोई साइड इफेक्ट न होता हो. आयुर्वेद में अनेको औषधियों का वर्णन किया गया है. यह वात, पित्त और कफ दोष का नाश करने के लिए मददगार होता है(Bachho Ko Jaruri Tike Jarur Lagwaye). आयुर्वेद एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो तन, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर स्वास्थ्य समस्याओं का निवारण करती है. आयुर्वेदिक उपचार एक स्वस्थ तन के साथ स्वस्थ व खुशहाल मन भी प्रदान करते है. Read More – सर्दियों के मौसम में बच्चों की सेहत का कैसे ख्याल रखें

बच्चो को खांसी से बचाने के घरेलु उपचार Bachho ko Khansi se bachane ke Gharelu Upchar

  1. भटकटैया के फूलों और जड़ों के सेवन से बच्चों की पुरानी खांसी ठीक हो जाती है. बार बार खांसी आने पर नवजात के मुख से दूर निकल आता है. बहुत ज्यादा खांसी से उनका चेहरा भी लाल पड़ जाता है. ऐसे में भटकटैया के फूल को केसर के साथ पीसकर मिश्रण तैयार कर लें. इस मिश्रण का शहद के साथ सेवन करना लाभप्रद होता है. इसके अतिरिक्त इसके फूल को जलाकर मधु मिलाकर देने से भी शीघ्र लाभ होता है.
  2. थोड़ी-थोड़ी मात्रा में अजवाइन और गुड़ मिलाकर उबाल लें. इसके छानकर बच्चे को पिलाए. साथ ही इसमें आग बगला पान का पत्ता भी मिला सकते है. इसके सेवन से खांसी में राहत मिलती है. Read More – बच्चों के रोग एवं इनका घरेलू इलाज

बच्चो की पाचन संबंधी समस्या का घरेलु उपचार Bachho Ki Pachan Sambandhi samsya Ka Upchar

  • बारिश में बच्चों का पाचन तंत्र प्रभावित हो जाता है जिसके कारण पतले दस्त, पेचिश आदि की उत्पत्ति होती है. 75 ग्राम पानी में 6 ग्राम सौंफ उबाले. पानी आधा रहने तक उसे उबालते रहे. फिर उसमें एक चम्मच काला नमक मिला लें. दिन में 3 बार इसकी 10-10 ग्राम की मात्रा बच्चों को देने से लाभ होता है. यह बच्चों के पेट की वायु और बदहजमी की शिकायत को भी दूर करता है. Read More – बच्चों में अतिसार के कारण व घरेलू उपचार
  • बच्चा दूध की उल्टी कर दे या उसका पेट फूल जाए तो सुहागा को तवे पर सेंककर चूर्ण बना ले. इसकी 1-1 ग्राम की मात्रा दिन में 2-3 बार बच्चे को देने से फायदा होता है.
  • छुहारा, अजवाइन तथा बायबिडंग को समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें. 6 ग्राम चूर्ण में थोड़ा सा शहद मिलाकर अनानास के रस के साथ दिन में दो बार पिलाएं. 2-3 दिन तक ऐसा करने से बच्चे के पेट में मौजूद कृमि नष्ट हो जाएंगे.
  • बच्चों को एक चम्मच अंगूर का रस पिलाने से कब्ज की समस्या दूर होती है.
  • स्वच्छ अजवाइन को बारीक पीसकर रखें. इसकी थोड़ी-थोड़ी मात्रा को मां के दूध के साथ दिन में 3 बार बच्चे को दे. इससे दस्त बंद हो जाते हैं. इसके सेवन से बच्चे की दूध की उल्टी करने की समस्या भी दूर होती है. Read More – बच्चों को सही भोजन की आदत कैसे डालें 

बच्चो की मस्तिष्क संबंधी घरेलु उपचार Bachho Ki Mastik Sambandhi Gharelu Upchar

  • भोजन के बाद बच्चे को कच्ची मूंगफली के 15-20 दाने खिलाएं. इससे मस्तिष्क संबंधी आम विकार जैसे कमजोर याददाश्त दूर होते हैं. जिन बच्चों का मानसिक विकास धीमी गति पर हो रहा हो उन्हें पर्याप्त मात्रा में दूध, दही, अंडे, ताजे फल और हरी सब्जियां खिलाएं.

बच्चो के ज्वर का घरेलु इलाज Bachho ke Jwar Ka Gharelu Ilaj

  • नीम के सूखे पत्तों के साथ घी मिलाकर धूप देने से बच्चों का ज्वर छूट जाता है.

बच्चो में न्यूमोनिया का घरेलु उपचार Bachho me Pneumonia ka Gharelu Upchar

  • बच्चों को निमोनिया होने पर 1.5 छुआरा और एक गांठ लहसुन को आधा चम्मच हल्दी के साथ मिलाएं. इसे 250 ग्राम दूध में अच्छे से उबाल ले. फिर छुहारा निकालकर बच्चे को खिला दे और गर्म दूध पिला दे. इस दौरान बच्चे के शरीर पर ठंडी हवा नहीं लगनी चाहिए. इससे 2-3 दिन में न्यूमोनिया की विकृति समाप्त हो जाती है.
  • पसली चलना न्यूमोनिया के प्रारंभिक लक्षणों में से एक होता है. समय पर इसका उपचार करने से न्यूमोनिया की उत्पत्ति होने से बचा जा सकता है. बच्चों को डिब्बा रोग या पसली चलने पर 60 मिली ग्राम हींग पानी में घोल कर दे. इसके अतिरिक्त सेहुड़ के पत्ते अग्नि पर गर्म करके 5-20 बूंद तक रस निकाल लें. इसे नमक व शहद के साथ दें. इसी मिश्रण को गर्म कर पसलियों पर लेप भी करें. यह पसली चलना बंद करने में मददगार होता है.

बच्चो में भाषा विकार का इलाज Bachho me Bhasa Vikar ka Ilaj

बच्चो में तंदुरुस्ती लाने का घरेलु उपाय Bachho me Tandrusti Lane ka Gharelu Upchar

बच्चो में सूखा रोग का घरेलु उपचार Bachho me Sukha Rog ka Gharelu Upchar

  • 5-6 बूंद गूलर का दूध ले. इसे साधारण दूध में मिलाकर पिलाने से बच्चों के सूखा रोग में लाभ होता है.
  • गम्मारी के फल को मधुयष्टि (मुलहठी) मिला कर दे. साथ ही इसके कल्क (पिट्टी) को घी में पकाकर इस घृत से बच्चों की मालिश करें. यह सूखा रोग दूर करने में सहायक होता है.

बच्चो की चेचक से रोकथाम Bachho ki Chechak se Roktham

  • गरी (नारियल) खाने से चेचक नहीं निकलती. अगर बच्चा दूध पीता है, तो उसकी मां रोज 50 ग्राम नारियल को सेवन करें, इससे बच्चे को चेचक की बीमारी नहीं होती. यदि बच्चे ने मां का दूध पीना छोड़ दिया है अर्थात् वह खाने लगा है, तो उसे प्रतिदिन 6 से 10 ग्राम तक गरी खिलाएं. यह चेचक रोग से रक्षा करेगा.

बच्चो की अन्य समस्यायों से कैसे रखे ध्यान Bachho Ki Anya Samsayo se Kaise Rakhe Dhyan

  • जिन छोटे बच्चों के दांत निकल रहे हो, उन्हें प्रातः सायं अंगूर का रस पिलाने से दांत आसानी से निकल आते हैं.
  • तुलसी के पत्तों का रस मां के दूध के साथ चटाने या पिलाने से बच्चों के दस्त, ज्वर, दूध निकालना आधी रोग दूर हो जाते हैं.
  • बच्चे का कान बहता हो, तो उसमें चूने के पानी की कुछ बूंदें डालने से लाभ होता है.
  • छोटे बच्चों की नित्य तेल से मालिश करनी चाहिए. मालिश करने के बाद कुछ देर उन्हें धूप में लेटा दे. सूर्य की किरणों से कई प्रकार के रोग स्वेतः नष्ट हो जाते हैं. साथ ही इससे विटामिन डी प्राप्त होता है जो आंखों के लिए फायदेमंद होता है. सूर्य की किरणों से हड्डियों के निर्माण करने के लिए कई पोषक तत्व मिलते हैं. Read More – बच्चों के रोगों का घरेलू इलाज

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