ब्लड थिनर टेबलेट और घरेलु उपाय Blood Thinner Tablet Aur Gharelu Upay

जैसा कि नाम से पता चलता है, ब्लड थिनर और कुछ नहीं बल्कि खून को पतला करनेवाली दवाइयां हैं। इसलिए अगर आपके खून में रक्त के थक्के बनने का ख़तरा है, तो ये दवाएं लेने से उन थक्कों को तोड़ने में मदद मिल सकती है और साथ ही रक्त कोशिकाओं को और थक्के बनाने से रोक सकती हैं। इस तरह खून के थक्कों बनने से होनेवाले हानिकारक प्रभावों से आपको सुरक्षा मिल सकती है(Blood Thinner Tablet Kya Pregnant Women ko Leni Chahiye).

बाकी सभी दवाइयों की तरह, ब्लड थिनर के भी कई साइड-इफेक्ट्स हैं, जैसे, इन्हें लेने से सांस की तकलीफ, बहुत अधिक खून बहना या घाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, अगर आप इन दवाओं के फायदे और नुकसान के बारे में जानना चाहते हैं तो इसके फायदे ज़्यादा है और नुकसान कम। इसलिए, अगर आप ब्लड थिनर ले रहे हैं, तो इन दवाओं को किसी भी हालत में लेने से ना चूकें, क्योंकि यह दवाइयां ना लेने से आपके खून में थक्के तो बनेंगे ही साथ ही बाकी गंभीर समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, जब तक आपका डॉक्टर आपको ब्लड थिनर लेना बंद करने की सलाह ना दें, तब तक ब्लड थिनर लेना न छोड़ें।

क्या ब्लड थिनर सुरक्षित हैं? Kya Blood Thinner Surakshit Hai?

अगर आपने एंजियोप्लास्टी करायी है या हार्ट वॉल्व लगवाएं हैं, तो हो सकता है कि आपके डॉक्टर ने आपको ब्लड थिनर लेने की सलाह दी हो। हो सकता है कि आपको पूरी ज़िंदगी ये दवाएं लेनी पड़ें। वैसे ब्लड थिनर्स के कई साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं, और ब्लड थिनर की एक भी खुराक ना लेना आपके लिए काफी ख़राब हो सकता है। इसलिए, ब्लड थिनर लेने से पहले उनके बारे में आपकी बेहतर जानकारी के लिए पढ़ें यह आर्टिकल। डॉ. संतोष कुमार डोरा, कार्डियाक इलेक्ट्रो फिजियोलॉजिस्ट, एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट (एएचआई), मुंबई बता रहे हैं ब्लड थिनर्स के बारे में विस्तार से(Blood Thinner Tablet ke Kya Side Effect Bhi Hote Hai).

बाकी सभी दवाइयों की तरह, ब्लड थिनर के भी कई साइड-इफेक्ट्स हैं, जैसे, इन्हें लेने से सांस की तकलीफ, बहुत अधिक खून बहना या घाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, अगर आप इन दवाओं के फायदे और नुकसान के बारे में जानना चाहते हैं तो इसके फायदे ज़्यादा है और नुकसान कम। इसलिए, अगर आप ब्लड थिनर ले रहे हैं, तो इन दवाओं को किसी भी हालत में लेने से ना चूकें, क्योंकि यह दवाइयां ना लेने से आपके खून में थक्के तो बनेंगे ही साथ ही बाकी गंभीर समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, जब तक आपका डॉक्टर आपको ब्लड थिनर लेना बंद करने की सलाह ना दें, तब तक ब्लड थिनर लेना न छोड़ें।

ब्लड थिनर टेबलेट के प्रकार Blood Thinner Tablet Ke Prakar

वार्फरिन Warfarin एक anticoagulant है और रक्त के थक्कों के गठन को कम करने में मदद के लिए प्रयोग किया जाता है। चूंकि यह खून पतला है, यह धमनियों या नसों में रक्त के थक्कों के गठन को रोकने से काम करता है, इस प्रकार हृदय का दौरा, स्ट्रोक या अन्य गंभीर स्थितियों के जोखिम को कम करता है। वार्फरिन ना लें यदि आपको कोई रक्त कोशिका विकार है, यदि आपको खून बहने का विकार है , यदि आपको उच्च रक्तचाप है, यदि आपको पेट में खून बह रहा है , आपके मस्तिष्क में खून बह रहा है या आगामी सर्जरी में वार्फरिन का उपयोग करने से पहले I अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कर रहे हैं, यदि आपके पास कोई खून है, तो आप अपने चिकित्सक से कह सकते हैं कि आप किसी भी दवाओं, गैर-पर्ची वाली दवाओं, या अन्य हर्बल और आहार की गोलियां और पूरक आहार का उपयोग कर रहे हैं, अगर आप कुछ खाद्य पदार्थों या पदार्थों से एलर्जी हो, सेल डिसार्ड, यदि आपका गुर्दा रोग का इतिहास है। रोगी पर निर्भर करता है या उसके लिए इलाज किया जा रहा है कि विशिष्ट स्थिति में वार्फरिन का या तो मौखिक या नसों का संचालन किया जाता है।आम पक्ष प्रभाव वार्फरिन मतली , पेट दर्द , उल्टी , गैस, सूजन या स्वाद के एक बदलाव की भावना शामिल हैं।यहां दी गई जानकारी साल्ट पर आधारित है. इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स एक से दूसरे व्यक्ति पर भिन्न हो सकते है. दवा का इस्तेमाल करने से पहले से परामर्श जरूर लेना चाहिए(Blood Thinner Tablet Kab Le).

क्या गर्भवती को ब्लड थिनर टेबलेट लेना उचित है Kya Pregnant ko Blood Thinner Tablet Lena Uchit Hai

क्या गर्भवती को ब्लड थिनर टेबलेट लेने की सलाह उचित है और यदि ऐसा है तो यह किन परिस्थितियों में जरूरत पड़ती है ?

ब्लड थिनर टेबलेट स्कूल गर्भवती महिलाओं को दी जाती है जिनका ब्लड प्रेशर अधिक हो या रिकरेंट प्रेगनेंसी लॉस यानी कि लगातार गर्भपात हो रहा हो इसमें प्रेगनेंसी के दौरान शरीर की छोटी-छोटी रक्त धमनियों को प्लेसेंटा के जरिए बच्चे को ब्लड सप्लाई करती हैं उनमें छोटे-छोटे क्लॉट्स बन जाते हैं जिनको माइक्रो थाम बाय कहते हैं इसकी वजह से खून का दौरान प्रभावित होता है क्लास बनने से बच्चे को मां से ठीक से खुराक नहीं मिल पाती है बच्चा कमजोर होना शुरू हो जाता है और जल्दी-जल्दी गर्भपात होने लगता है इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर मां में मौजूद कुछ इनमें राज्य कल डिसऑर्डर की वजह से भी यह समस्या आती है ऐसी परिस्थितियों में महिलाओं को ब्लड थिनर दिया जाता है (Blood Thinner Tablet Pregnant women Kab Leni Chahiye).

गर्भवती ब्लड थिनर टेबलेट किस उम्र में ले सकती है Pregnant Blood Thinner Kis Age Me Le Sakti Hai

यदि किसी महिला की उम्र 45 साल है और डॉक्टर ने हिस्ट्री शॉपिंग कराने की सलाह दी है ऐसे में कहीं सेक्स लाइफ तो खत्म नहीं हो जाएगी जब तक कोई महिला 40 साल से ऊपर की ना हो जाए सामान्य परिस्थितियों में हिस्ट्री टॉमी नहीं की जाती है 40 साल से नीचे तभी की जाती है यदि बहुत बड़ी फाइब्रॉयड हो और महिला अपनी फैमिली कंप्लीट कर चुकी हो अगर कैंसर है तो चाहे 20 साल की उम्र हो गर्भाशय निकालना पड़ेगा इसके अलावा यदि आशंका है कि 4 से 5 साल में कैंसर बन जाएगा तो भी गर्भाशय निकाल दिया जाएगा अगर 35 साल में इस ट्रक ट्रॉली की नौबत आ जाए तो वहीं हेल्थी होने पर नहीं निकाली जाती सिर्फ गर्भाशय हटाया जाता है किस प्राणी जितनी जल्दी होगी इतनी जल्दी मेनोपॉज आ जाएगा इस तरह महिला प्रीमेच्योर मेनोपॉज की स्थिति में पहुंच जाएगी ओरिजिना निकाले जाने पर भी हुए 4 से 5 साल में फंक्शन बंद कर देती हैं वेजाइनल ड्राइनेस यूरिनरी समस्याएं सेक्स इच्छा में कमी बदन दर्द ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं आने लगती हैं (Blood Thinner Tablet Kis Age Ki Pregnant women ko Leni Chahiye).

ऐसी परिस्थिति में युवा महिलाएं को एचआरटी जरूर दी जाती है अगर परेशानी आ रही हो तो ओरल रिप्लेसमेंट थेरेपी भी दी जा सकती है वेजाइनल यूरोजन आई नल समस्याएं आने पर उनको नाइट्रोजन क्रीम अप्लाई करने की सलाह दी दी जाती है इससे जो वेजाइनल म्यूकस ड्राई हो जाता है वह फिर से पुनर्जीवित होकर सेक्स लाइफ बहाल कर सकता है

आपकी समस्या आनुवंशिक लगती है इसलिए यह जानना जरूरी है कि बच्चेदानी के साथ कहीं आपका योनि द्वार भी तो बंद नहीं है अगर ऐसा है तो आपको शादी से पहले योनि द्वार बनाने की सर्जरी यानी कि वेजाइनोप्लास्टी करानी पड़ेगी बच्चेदानी किसी भी सर्जरी द्वारा बड़ी नहीं की जा सकती है भविष्य में आपको इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा कि शायद आप कभी भी मां ना बन सके इसलिए अपना जीवनसाथी चुनने से पहले आप पूरी बात ईमानदारी से उसे बता दें

गाढ़े खून को पतला करने के उपाए Blood Ko Patala Karne Ke Upay

खून को गाढ़ा होने से बचाने के लिए कुछ लोग दवाइयों का सेवन भी करते हैं, जिसमें खून को पतला करने वाले एजेंट का इस्तेमाल किया जाता है। क्लॉटिग को खतरे को कम करने के लिए दवाइयों के अलावा कुछ खाद्य पदार्थ और घरेलू उपाय भी कारगर है। जिससे खून के गाढ़ेपन की परेशानी से राहत पाई जा सकती है(Kya Gharelu Upayo se Blood ko Patla Kiya ja Sakta hai)

अपना रहन सहन बदले Apna Lifestyle Change Kare लाइफस्टाइल में गड़बड़ी बीमारियों की सबसे बड़ी वजह बनती है। अपनी दिनचर्या में थोड़ा से बदलाव करने आप स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। Read More – सुपर लाइफ स्टाइल क्या है और क्या हैं इसके नुकसान

फाइबर युक्त भोजन करें Fiber Yukt Bhujan Kare खून को शुद्ध करने के लिए फाइबर युक्त आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है। इससे पाचन शक्ति अच्छी रहती है और खून भी सही रहता है। ब्राउन राइस, गाजर, ब्रोकली, मूली,शलजम,सेब और इसका जूस अपनी डाइट में शामिल करें। 

पसीना आना Pasina Aana खून को साफ और गाढ़ा होने से बचाने के लिए शरीर से पसीना बहाना बहुत जरूरी है। एक्सरसाइज या फिर योग के लिए समय जरूर निकालें। 

फेफड़ो को शुद्ध ऑक्सीजन lungs ko pure oxygen सुबह के समय शुद्ध ऑक्सीजन सेहत के लिए बहुत अच्छी है। गहरी सांस लेने से फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलती है। जिससे रक्त संचार सही रहता है। Read More – फेफड़ों में सूजन : ब्रौंकायटिस और इसका घरेलु उपचार

डेड स्किन के सैल निकालें Dead Skin Ke Cell Nikale त्वचा पर जमा डेड स्किन रोम छिद्रों को बंद कर देती है। जिससे रक्त संचार भी प्रभावित होता है। महीने में 1-2 बार मैनी क्योर और पैडी क्योर जरूर करवाएं। इससे डैड स्किन सैल निकल जाते हैं और खून की दौरा भी बेहतर हो जाता है। Read More – ब्लैकहैड को हटाने के घरेलु नुस्खे

मछली का तेल का इस्तेमाल Fish Oil Ka Use Kare मछली के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड, ईपीए और डीएचए के गुण होते हैं जो खून को पतला करने में मददगार है। मछली के तेल को खाने में शामिल करें। डॉक्टरी सलाह से मछली के तेल का कैप्सूल भी खा सकतेे हैं। 

हल्दी है गुणकारी Haldi Hai Gunkari हल्दी में बहुत से औषधिय गुण होते हैं जो सेहत के लिए बहुत गुणकारी है। यह ब्लड क्लॉट को रोकने का भी काम करती है। Read More – जाने हल्दी के 10 आश्चर्यजनक फायदे

लहसुन का उपाय Lahsun Ke Upay लहसुन के एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर में जमा फ्री रेडिकल को खत्म करने का काम करते हैंश जिससे ब्लड प्रैशर सामान्य रहता है और यह खून के प्रवाह को संतुलित करने के साथ खून को पतला करने में भी मददगार है। Read More – लहसुन खाने के फायदे
 

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