फेफड़ों में सूजन : ब्रौंकायटिस और इसका घरेलु उपचार bronchitis ka gharelu ilaj

bronchitis ke lakshan aur upchar

फेफड़ों में सूजन : ब्रौंकायटिस और इसका घरेलु उपचार bronchitis ka gharelu ilaj

ग्रीष्म ऋतु के पश्चात वर्षा ऋतु का आगमन सभी के मन में एक खुशी की लहर का संचार करता है. भीनी-भीनी हवाओं के साथ ही हर किसी का मन प्रफुल्लित हो उठता है. पर इस खुशी में बाधा बन सकता है एक श्वास स्वास्थ्य संबंधी विकार ब्रौंकायटिस…

कई बार जब हमें बहुत खांसी आती है तो उसके पश्चात हम सांस लेने में परेशानी महसूस करते हैं. क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है? इसका कारण होता है हमारे फेफड़ों में संक्रमण होना. आम भाषा में इसे छाती में सर्दी होना कहते हैं. फेफड़ों और नाक के बीच की नलिकाओं, जिससे वायु का संचार होता है, को ब्रौंकाई कहा जाता है. इनमें सूजन आने की स्थिति को ब्रौंकायटिस नाम से जाना जाता है (What is Bronchitis in Hindi). यह प्रायः वायरल संक्रमण से होता है. ये जीवाणु नासिका मार्ग से फेफड़ों तक पहुंचते हैं. जब हम सांस लेते हैं तब इस रोग के वायरस हमारे शरीर में प्रविष्ट हो जाते हैं. श्वास नली में सूजन के कारण सांस लेने में परेशानी होती है व रोगी को बहुत खांसी भी आती है.

bronchitis ke lakshan aur upchar

ब्रौंकायटिस होने के कारकों में धूम्रपान, तंबाकू को अधिक सेवन करना है (Bronchitis kyon hota hain). बढ़ता वायु प्रदूषण भी इस रोग का एक मुख्य कारण है. विषैली गैसो के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को भी ब्रौंकायटिस होने का खतरा रहता है. यह रोग 2 प्रकार का होता है:

  1. तीव्र ब्रौंकायटिस (1-3 सप्ताह तक) Acute bronchitis
  2. दीर्घ ब्रौंकायटिस Long bronchitis (3 माह से लेकर एक साल या उससे भी ज्यादा अवधि)

श्वास नलिका में प्रवेश करने के बाद वायरस फेफड़ों में पहुंचकर सक्रिय होता है और संक्रमण फैलाता है. इससे रोगी को देर तक खांसी न रुकना और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. गंभीर स्थितियों में रोगी सांस लेने के लिए बेचैन हो उठता है. ऐसी किसी भी समस्या से बचने के लिए जरूरी है कि इस रोग का समय पर उपचार कर लिया जाए.

ब्रोंकाइटिस के लक्षण Lungs swelling ke lakshan 

  • सांस लेने में कठिनाई होना Swash lene me Problems
  • सीने में दर्द, अकड़न जैसा महसूस होना Feeling like chest pain, stiffness
  • सांस लेते समय सीटी बजने जैसी ध्वनि होना Seete Jaise Awaaz Aana
  • नाक बहना Nose ka Bahna
  • मांसपेशियों में दर्द Muscle aches
  • देर तक खांसी का चलना Lambe Samay Tak Khansi
  • फेफड़ों में कफ का निर्माण होना Fafdon Me Kaf Banana
  • गले में खराश Gale me Khrash
  • थकान Fatigue
  • सिर दर्द Headache
  • तेज बुखार आना, साथ ही शरीर में कपकपी होना Tej Bukhar aur Body me Kampan

ब्रोंकाइटिस का घरेलु उपचार Bronchitis Ka Gharelu Upchar

इस रोग की प्रारंभिक स्थिति में ही उपचार कर लिया जाए तो रोगी के लिए फायदेमंद होता है. रोग की गंभीर स्थिति में रोगी की परेशानियां बढ़ने की संभावना अधिक रहती है. कुछ घरेलू उपायों का सहारा लेकर रोग की विषमताओं से राहत पाई जा सकती है.

नींबू से ब्रौंकायटिस का उपचार Benefits of lemon for lungs :

ब्रौंकायटिस के वायरस से संक्रमित होने का मुख्य कारण होता है कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र. विटामिन सी से भरपूर नींबू शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत बनाता है. रोजाना दिन में 2-3 बार नींबू पानी पीने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी मिलता है. इससे प्रतिरोधक तंत्र को ब्रौंकायटिस के रोगाणुओं से लड़ने में मदद मिलती हैं. Read more – नींबू खाने के फायदे

ब्रौंकायटिस को अदरक से करें ठीक Strengthening of lungs using ginger :

प्राकृतिक एंटी इंफ्लेमेट्री गुण होने के कारण अदरक ब्रौंकायटिस के वायरस को खत्म करने में सहायक होता है. रोजाना अदरक की चाय पीने से गले की खराश दूर होती है. इसके अतिरिक्त आप अदरक के रस का भी सेवन कर सकते हैं. इससे श्वास नली की सूजन दूर होती है. यह कफ में भी राहत देता है. Read more – अदरक के औषधीय गुण

ब्रौंकायटिस में शहद के फायदे Benefits of honey for lungs :

शहद प्राकृतिक कफ नाशक होता है. शहद में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरस गुण होते हैं. गले में खराश से राहत के लिए शहद का सेवन लाभप्रद होता है. इसके सेवन से गले की सूजन भी कम होती है.

हर्बल चाय से ब्रौंकायटिस का उपचार Benefits of herbal tea for lungs :

स्वास्थ्य के लिए हर्बल चाय को हमेशा से ही सर्वोच्च माना जाता है. कुदरती जड़ी बूटियों से बनी हर्बल चाय कई बीमारियों से राहत देने में कारगर उपाय हैं. काली मिर्च, तुलसी व लौंग से बनी चाय पीने से गले की खराश दूर होती है. यह श्वास नलिका के अवरोध को दूर कर सांस लेने में हो रही परेशानी से निजात दिलाता है. Read more – चाय है सेहत का खजाना 

हल्दी से ब्रौंकायटिस का इलाज Strengthening the lang with turmeric  :

हल्दी में भरपूर मात्रा में एंटीइंफ्लेमेट्री तत्व पाए जाते हैं जो कफ की समस्या से निजात दिलाते हैं. ब्रौंकायटिस का प्रमुख कारण होता है गले में कफ का निर्माण होना. थोड़ी सी हल्दी को एक गिलास दूध में डालकर उबाल लें. फिर इसमें एक चम्मच देसी घी मिला ले. रोज सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से ब्रौंकायटिस की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो जाती है.

ब्रौंकायटिस में लहसुन के फायदे Lahsun ke Fayde  :

एंटीबायोटिक और एंटीवायरल तत्वों से भरपूर होने के कारण ब्रौंकायटिस में लहसुन का सेवन फायदेमंद होता है. 3 लहसुन की कलियों को बारीक काट लें. इन्हें दूध में उबालकर रात को सोने के पूर्व पिएं. इससे ब्रौंकायटिस के वायरस से लड़ने में मदद मिलती है व शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र भी मजबूत होता है. Read more –लहसुन खाने के फायदे

यूकेलिप्टस से ब्रौंकायटिस का इलाज Benefits of Eucalyptus :

यूकेलिप्टस की महक से ही कफ में राहत महसूस होती है. स्टीम थेरेपी ब्रौंकायटिस के इलाज में मददगार होती है. पानी को गर्म कर उसमें कुछ बूंदें यूकेलिप्टस का तेल मिला लें. इस पानी की भाप लेने से कफ का शमन होता है. भाप लेते समय अपने सिर को किसी कपड़े से ढककर रखे.

मैथी के फायदे ब्रौंकायटिस में Maithi ke sevan se Lungs ka Upchar :

ब्रौंकायटिस में मैथी का सेवन लाभप्रद होता है. एक कप मैथी का काढ़ा बनाकर उसमें एक चम्मच अदरक का रस और थोड़ा शहद मिलाकर पीने से कफ दूर होता है.

नमक से ब्रौंकायटिस का उपचार Bronchitis Me Namak Se Fayda

गले में सूजन और जलन से राहत के लिए नमक फायदेमंद होता है. पानी में नमक डालकर गरारे करने से गला साफ होता है. दिन में 4-5 बार नमक के पानी से गरारे करने से ब्रौंकायटिस के लक्षण कम होते हैं. Read more – शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति देती है सफेद रक्त

प्याज लाभकारी होती है ब्रौंकायटिस में Onion Benefits in Bronchitis

प्याज की ग्रेवी वाली सब्जी तो हम सभी को पसंद होती है. पर यह प्याज आपको ब्रौंकायटिस से भी राहत दिला सकता है इस बात से शायद आप अनजान होंगे. ब्रौंकायटिस में कफ को दूर करने में प्याज को सेवन फायदा करता है. रोज सुबह खाली पेट प्याज का रस लेने से ब्रौंकायटिस की समस्या से निजात मिलता है. Read more –प्याज खाने के फायदे

तिल के फायदे Bronchitis Me Til Ke Fayde

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खांसी और कफ के उपचार में लाभकारी होता है. ब्रौंकायटिस बुखार के कारण रोगी को शरीर में कपकपी होती है. तिल व गुड़ के लड्डू का सेवन करने से शरीर गरम रहता है. इसके अतिरिक्त रोजाना तिल व गुड़ के लड्डू का सेवन ब्रौंकायटिस की समस्या को होने से भी रोकता है. Read more –तिल के बीज और तेल से रोगों का घरेलु इलाज

ब्रौंकायटिस में बादाम के फायदे Benefits of Almonds :

बादाम मैग्रीशियम, कैल्शियम और पोटैशियम को अच्छा स्त्रोत होती हैं. इसके सेवन से ब्रौंकायटिस में सांस लेने की परेशानी दूर होती है.

ब्रौंकायटिस में तुलसी के फायदे Basil reduces lung inflammation :

तुलसी पूजनीय होने के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है. 3 ग्राम तुलसी के पत्तों में में 6 ग्राम मिश्री और 3-4 काली मिर्च मिलाकर सेवन करने से खांसी में लाभ होता है. इससे छाती की जकड़न दूर होती है. Read more – तुलसी खाने के फायदे

ब्रौंकायटिस में लौंग के फायदे Loung ke fayde:

लौंग का सेवन कफ दूर करने के लिए होता है. 5-6 लौंग को पानी में उबालकर उस में 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3 बार पिएं. इससे ब्रौंकायटिस में आराम मिलता है.

तरल पदार्थ Treatment with regular intake of fluids :

ब्रौंकायटिस के रोगी को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थों को सेवन करना चाहिए. गर्म पानी, सब्जियों से बने सूप आदि का सेवन करने से कफ दूर करने में मदद मिलती है. कैफीन युक्त पेय पदार्थों व अल्कोहल के सेवन से परहेज करना चाहिए.

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