गर्भावस्था के दौरान आहार की समस्या Diet Problem During Pregnancy Hindi

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गर्भावस्था के दौरान आहार की समस्या Diet Problem During Pregnancy Hindi

Diet Tips During Pregnancy Hindi Me

Tip #1: प्रेग्नेंसी के दौरान अपनी डाइट में कार्बोहाइदड्रडे युक्त खाद पदार्थों की मात्रा बढाएं और वसा युक्त भोजन कम खाएं | मसालेदार खाने से भी दूर रहें | तरल पदार्थ ज्यादा लें, पर लेमोनेड, फ्लेवर्ड मिल्क, काफी,चाय, कोल्डड्रिंक्स आदि नही पिएं |

Tip #2: गैस की परेशानी हो, तो मसालेदार, तले हुए और वसायुक्त खाने से दूर रहें | साथ ही खाना अच्छी तरह से चबाकर धीरे-धीरे खाए | एसिडीटी कि दवा डॉक्टर कि सलाह के बिना ना लें | सोते वक्त अपना सिर सीधा रखें | इन दिनों चक्कर आना और उल्टी, आम समस्या है |

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Tip #3: दरअसल, इस दौरान शरीर के भीतर हार्मोन्स तेजी से बढ़ते हैं और इस वजह से गर्भावस्था के शुरुआत में जी मिचलाता है और उल्टी आती है | इस परेशानी से बचने के लिए एक बार में ही ढेर सारा खाना खाने की बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कुछ-कुछ अंतराल में खाएं | किसी चीज से एलर्जी हो तो उससे बचें | उल्टियाँ ज्यादा हो रही हों, तो डॉक्टर कि सलाह लें |

Tip#4: प्रेग्नेंसी के शुरुआती और अंतिम तीन माह में बार-बार पेशाब आना, बेहद सामान्य बात है | इसकी मुख्य वजहा गर्भ के बढ़ते आकर के कारण यूरिनरी ब्लाडर पर बढ़ने वाला दबाव है | अगर आपके मन में इसको लेकर किसी तरह की आशंका है, तो यूरिन कि जाँच करवाएं, क्योंकि इस दौरान यूरिन इन्फेक्शन की समस्या होने की आशंका ज्यादा रहती है |

Tip#5: कमर और पीठ दर्द का मुख्य कारण शरीर में होने वाले हारमोनल बदलाव और गर्भ के विकास के कारण होने वाला दबाव है | पीठ दर्द से बचने के लिए सही पोस्चर अपनाएं | लगातार एक ही अवस्था में न रहें | न ही लम्बे समय तक खड़ी रहें | भरी चीजें भी ना उठाएं और अपने वजन पर नियंत्रण रखें | दर्द कम करने के लिए डॉक्टर कि सलह पर दर्द के लिए बाम, लगाएं या गर्म पानी सेकें | लेकिन दवा डॉक्टर से बिना पूछें न लें |

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Tip#6: इन दिनों स्ट्रेच मार्क्स और खुजली हारमोनल बदलावों और गर्भ के बढ़ते आकार के कारण होते हैं | इसके लिए अपनी त्वचा में नमी कि उचित मात्रा बनायें रखें और त्वचा को रुखा होने से बचाएं | अगर पैरों में ऐठन रहती हो, तो इस समस्या को कम करने के लिए डॉक्टरी सलाह के अनुसार कैल्शियम कि टेबलेट लें और हल्के-फुल्के व्यायाम करें | इस तरहा प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली परेशानियों को आप कम कर सकती हैं |

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