इलाइची खाने के फायदे औषधीय गुण Elaichi Khane Ke Fayde

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इलाइची खाने के फायदे औषधीय गुण Elaichi Khane Ke Fayde In Hindi

इलायची की सर्वाधिक उपज हमारे देश केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक प्रदेशों में होती है। इसका पौधा सदा हरा-भरा रहते हुए 2 से 4 मीटर तक ऊंचा होता है। पत्ते नोकीले, भाले के आकार के एक से तीन फुट लंबे होते हैं। पुष्प डेढ़ इंच लंबे हलके हरे या पीले रंग के होते हैं, जिनमें 15 से 20 बीज काले, भूरे रंग के एवं कड़े होते हैं। इसकी मनोहारी खुशबू जहां तन-मन को प्रफुल्लित करती है, वहीं अनेक औषधीय गुणों के कारण स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद भी होती है। आमतौर पर इलायची का उपयोग पान, खाद्य पदार्थों, धार्मिक कार्यों, अतिथि सत्कार एवं मसालों में व्यापक रूप से किया जाता है।

इलाइची के विभिन्न भाषाओं में नाम

  • संस्कृत (Cardamom In Sanskrit) – एला
  • हिंदी (Cardamom In Hindi)- इलायची
  • मराठी (Cardamom In Marathi)- बेलची
  • गुजराती (Cardamom In Gujarati)- एलची
  • बंगाली (Cardamom In Bengali)- एलाच
  • अंग्रेजी (Elaichi In English)- लेसर कार्डमम (Lesser Cardamom) 
  • लैटिन (Cardamom In Latin) – एलिटेरिया कार्डमोमम (Elettaria Cardamommum)

इलाइची के औषधीय गुण Elaichi Ke Aushadheeya Gun 

इलायची छोटी और बड़ी दो प्रकार की होती है, लेकिन व्यापक रूप से छोटी इलायची का उपयोग किया जाता है।

आयुर्वेदिक मतानुसार इलायची मधुर रस युक्त, शीतल और कड़वी होती है। यह रुचिकारक, हलकी सुगंधित, पाचक भी होती है। अपच, उलटी, जी मिचलाहट, भूख न लगना, प्यास की अधिकता, गैस की तकलीफ, खांसी, श्वांस, बवासीर, खुजली, पथरी,हृदय रोग, स्वप्नदोष, वमन आदि कष्टों में गुणकारी है।

यूनानी मतानुसार इलायची गरम है। यह पाचक, आमाशय के दोषों को नष्ट करने वाली, भूख बढ़ाने वाली, मितली, उबकाई, गैस को दूर कर ह्रदय और मस्तिष्क को बल देती है।

वैज्ञानिक मतानुसार इलायची की रासायनिक संरचना का विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है कि इसमें विशेष प्रकार का उड़नशील तेल 4 से 8 प्रतिशत, स्थिर तेल 10 प्रतिशत, 42 प्रतिशत कार्बाहाइड्रेट, काष्ठीय तन्तु 77 प्रतिशत, नमी 20 प्रतिशत, पोटेशियम 3 प्रतिशत, श्वेतसार 3 प्रतिशतं, अल्प मात्रा में कैल्शियम, लोहा, फास्फोरस और पीत रंजक द्रव्य विद्यमान होते हैं। इसकी भस्म में 10 प्रतिशत की मात्रा में मैंगनीज भी मिलता है। 200 ग्राम हरी इलायची से 10 ग्राम तेल प्राप्त होता है, जो भूरापन लिए हलके पीले रंग का होता है।

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इलाइची खाने की मात्रा

500 मिलीग्राम से एक ग्राम, तेल 4 से 5 बूंद।

इलाइची से बनने वाली दवाएं 

एलादि चूर्ण, एलादि वटी, एलादि तेल, एलादि घृत।

विभिन्न रोगों में इलाइची फायदे Elaichi Khane Ke Fayde Rogo Ke ilaj Me

1. बदहजमी, पीलिया, मूत्र विकार, सीने में जलन, पेट दर्द, जी-मिचलाहट, उबकाई,  हिचकी,  दमा, पथरी, जोड़ों का दर्द, मुख दुर्गन्ध में इलायची का सेवन लाभदायक है।

2. सिर दर्द : इलायची पीसकर मस्तिष्क पर लेप करने और बीजों को पीसकर सूघने से सिर दर्द में आराम मिलता है।

3. अधिक केले खाने पर : यदि किसी ने केले का सेवन अधिक कर लिया और इससे अजीर्ण पैदा हो जाए, तो इलायची खाएं। हजम हो जाएगा।

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4. बिच्छू दंश : दर्द और विष का प्रभाव कम करने के लिए इलायची के दाने मुंह में चबाकर पीड़ित व्यक्ति के कानों में जोर से फूकने पर आश्चर्यजनक लाभ होता है।

5. खांसी में : इलायची के बीज और मिसरी मिलाकर बार-बार चूसना चाहिए. इससे खांसी में जल्द आराम मिलता है.

6. मुंह के छाले : इलायची पीसकर शहद के साथ मिलाकर छालों पर लगाएं। इससे मुह के छाले कुछ दिनों में ही ठीक हो जाते हैं.

7. वमन या उल्टी होने पर पुदीना और इलायची बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन कराएं। इससे जल्दी आराम मिलता है.

8. दांत रोगों में :  दांत के रोगों के इलाज में यह बहुत फायदेमंद है. इलायची और लोंग का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर दांतों पर मलें इससे जल्द ही आराम मिलता है.

9. सांस की बीमारी : किसी कि सांस की बीमारी है – जैसे दमा तो इसके लिए आप मिसरी के साथ इलायची का तेल सेवन कराएं तो जल्द ही लाभ मिलता है.

10. अधिक थूंक  आना : कई लोगों को अधिक थूक बनने की शिकायत होती है और इसके इलाज में इलायची बहुत गुणकारी है. इलायची और सुपारी को समान मात्रा में पीसकर एक-दो ग्राम चूर्ण बार-बार चूसते रहने से यह कष्ट दूर हो जाता है।

11. स्वप्नदोष के इलाज में लाभकारी : आंवले के रस में इलायची के दाने और ईसबगोल बराबर की मात्रा में मिलाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करें। इसका सेवन लगभग एक माह करने से फायदा दिखने लगता है.

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12. हिचकी के इलाज में : हिचकी आने की स्थिति में इलायची बहुत अधिक लाभकारी होती है. इसके लिए दो इलायची पीसकर उबालें। जब आधा पानी बचा रह जाए, तो सहनीय अवस्था में गरम-गरम काढ़ा पिलाएं, कष्ट तुरंत दूर होगा।

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