हार्ट अटैक के संकेत और सावधानियां Heart Attack Ke Sanket Aur Savdhaniya

अक्सर ये सुनने को मिलता है कि इतनी कम उम्र में दिल की बीमारी क्यों हो गई? या इस उम्र में हार्ट अटैक? लेकिन यकीन मानिए कई बड़ी बीमारी दबे पांव जरूर आती है, लेकिन अचानक कुछ भी नहीं होता(Heart Attack Jyadater Aana Janleva Hota Hai)

ऐ दिल ए नादाँ तुझे हुआ क्या है आख़िर इस दर्द की दवा क्या है?’ मिर्ज़ा गालिब की ये गजल वाकई बेहद सुकून भरी है, लेकिन ये गजल एक तरह से देखा जाए तो प्यार और दूसरी तरह से देखा जाए तो दिल की बीमारी की ओर इशारा कर रही है. आए दिन कोई न कोई ऐसा किस्सा सुनने को मिल जाता है जहां किसी पहचान के व्यक्ति को दिल की बीमारी हो गई है या दिल काफी कमज़ोर हो गया है. अक्सर ये सुनने को मिलता है कि इतनी कम उम्र में ये बीमारी क्यों हो गई, या फिर अचानक क्या हो गया? लेकिन यकीन मानिए कोई बड़ी बीमारी दबे पांव जरूर आती है, लेकिन कुछ भी अचानक नहीं होता. किसी बड़ी बीमारी से पहले हमारा शरीर हमें कुछ संकेत देता है.

हार्ट अटैक पड़ने से पहले के लक्षण Heart Attack Padne Se Pahle Ke Lakshan

जैसे हम हमेशा सीने के दर्द को हार्ट अटैक से जोड़कर देखते हैं, लेकिन अगर महिलाओं की बात करें तो ऐसा जरूरी नहीं है कि हार्ट अटैक के वक्त उन्हें सीने में दर्द ही हो. उन्हें चेस्ट में जलन या फिर प्रेशर और एंग्जाइटी जैसे लक्षण दिखेंगे. तो किस तरह के लक्षण बताते हैं कि हमारा दिल कमजोर होने वाला है(Heart Attack Ke Lakshan Ko Pahchane)

लम्बे समय से थकान Lambe Samay Se Thakan थकान का मतलब ये नहीं कि बहुत काम या वर्कआउट करने के बाद होने वाली थकान को आप गलत समझ लें. यहां बात लंबे वक्त तक बनी रहने वाली थकान की हो रही है. ये लक्षण महिला और पुरुष दोनों में दिखता है, रोजमर्रा के काम जैसे सोने के लिए बिस्तर तैयार करना, बाथरूम तक चलकर जाना या थोड़ा मार्केट में चल लेना उससे भी थकान बनी हुई है और नींद में खलल पड़ रहा है तो चिंता का विषय है

जल्दी पसीना आना और सांस फूलना Jaldi Pasina Aana Aur Sans Fulna आम तौर पर किसी को ये तो समझ आ ही जाएगा कि कब उसका शरीर ज्यादा थकता है और कितने व्यायाम के बाद पसीना आता है. पर अगर अक्सर ऐसा होने लगे तो खतरे की घंटी है. लगातार आंखों के आगे अंधेरा छाना, सांस फूलना और उसके साथ पसीना आना दिन की बीमारी का संकेत है. ये अक्सर होना बुरी बात है और ऐसे में अगर चेस्ट पेन या हार्ट बर्न जैसी समस्या भी बनी हुई है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

अगर किसी को एकदम से ठंडा पसीना आने लगा है और दिए गए लक्षणों से कोई भी एक लक्षण है तो यकीनन ये चिंता की बात है और कई मामलों में तो ये हार्ट अटैक का लक्षण है.

गले, जबड़े, पीठ और हाथ का दर्द Gele, Jabde, Peeth Aur Hath Ka Dard हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण बाएं हाथ का दर्द माना जाता है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि दिल की समस्या को सिर्फ बाएं हाथ के दर्द से ही देखा जाए. खासतौर पर महिलाओं में ये किसी भी तरफ हो सकता है.

इसके अलावा, अगर लगातार गले के पीछे, जबड़े में या पीठ में दर्द बना हुआ है तो ये खतरे की घंटी है. अगर किसी एक जगह दर्द बार-बार दर्द हो रहा है और ये समझ नहीं आ रहा कि कौन सी मांसपेशी इसके लिए जिम्मेदार है या यूं कहें कि दर्द शिफ्ट हो रहा है तो भी ये चिंता की बात है. ये दर्द अचानक होता है इसके लिए किसी चोट का या किसी व्यायाम का जिम्मेदार होना जरूरी नहीं है.

छाती में दबाव Chest Me Pressure पड़ना ये अक्सर तब होता है जब दिल की किसी धमनी या आर्टरी में ब्लॉकेज होने लगता है. हर कोई इस भावना को अलग तरीके से समझाता है. किसी को लगता है कि जैसे सीने में जलन हो रही है, एसिडिटी जैसी फीलिंग है, किसी को चुभन महसूस होती है तो किसी को लगता है कि सीने पर कोई भारी सामान रखा हुआ है. पर अगर दिल की बीमारी से जुड़ी बात है तो छाती में कुछ न कुछ जरूर महसूस होगा. भले ही ये एंग्जाइटी जैसा ही क्यों न लगे. जरूरी नहीं है कि किसी दर्द से ही आप दिल की बीमारी का संकेत लें, बिना दर्द भी ये हो सकता है.

चक्कर आना और आंखों के आगे अंधेरा छाना Chakker Aanaअगर किसी ने सुबह से कुछ खाया नहीं है, ज्यादा धूम लिए हैं, ज्यादा काम कर लिया है और ऐसा हो रहा है तो ये नॉर्मल है. पर अगर कोई बिलकुल आराम से खड़े या बैठे हुए हैं और ऐसा होता है. बार-बार होता है तो चिंता की बात है. अक्सर ब्लड प्रेशर के मरीजों के साथ ऐसा होता है क्योंकि दिल ठीक तरह से खून पंप नहीं कर पाता. अगर समस्या ज्यादा बार समझ आ रही है तो डॉक्टर से तुरंत मिलें क्योंकि ये आपके दिल का आपको संकेत भी हो सकता है.

खर्राटे लेने में बदलाव होना Kharate Me Change अगर कोई आम तौर पर खर्राटे लेता है तो ये कोई गलत बान नहीं है, ये साइनस भी हो सकता है, लेकिन खर्राटे से ये समझ आता है कि कहीं दिल की बीमारी तो नहीं. अगर किसी के खर्राटे बदल गए हैं और खर्राटे लेते समय ऐसी आवाज़ आ रही है जैसे कोई चोक हो रहा हो या फिर सांस लेने में दिक्कत समझ आ रही है तो ये स्लीप एप्निया (Sleep Apnea) हो सकता है, ऐसा होने पर दिल पर स्ट्रेस ज्यादा पड़ता है. ऐसे में दिल के कमज़ोर होने की गुंजाइश बढ़ सकती है.

पैरो में सूजन होना Pairo Me Sujan ये एक ऐसा लक्षण है जिससे समझ आता है कि आपके दिल को जैसे खून पंप करना चाहिए वैसे नहीं कर रहा है. जब दिल एकदम सही से खून पंप नहीं कर पाता तो इससे मांसपेशियों में सूजन आ जाती है.

दिल के ठीक से काम न करने का असर किडनी पर भी पड़ता है और वो भी अपना काम सही से नहीं कर पाती. इसलिए पैरों में सूजन हो जाती है.

दिल की धड़कन का पहले से बढ़ जाना Heart Beat Bad Jana ये आम बात है कि अगर दिल की धड़कन जोश में आकर बढ़ रही है या एक्सरसाइज करने के बाद बढ़ रही है, या डर के कारण बढ़ रही है, लेकिन अगर किसी को ये लगता है कि उसके दिल की धड़कन आम तौर पर कई बार तेज़ हो रही है और ये कुछ सेकंड्स से ज्यादा समय के लिए है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

हार्ट अटैक पड़ने पर करे ये सावधानियां Heart Attack Padne se Pahle Kare Ye Savdhaniya

हार्ट अटैक आने पर आकस्मिक ट्रीटमेंट की आवश्यकता पड़ती है, यह एक इमरजेंसी स्थिति होती है. ऐसे में अगर आपके साथ कोई हार्ट पेशेंट है तो घबराने के बजाए उसका उपचार करना चाहिए. हार्ट अटैक के लक्षण देखते ही सावधान हो जाएं और उपचार करें. यदि व्यक्ति को 15 मिनट में किसी तरह का उपचार मिल जाता है तो स्थिति चिंताजनक होने से बच सकती है और मरीज की जान बचायी जा सकती है.

हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानें Heart Attack Ke Lakshan Ko Pahcjhane हार्टअटैक के लक्षणों को पहचानें, इससे आपको किसी प्रकार का भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी. इसके प्रमुख लक्षणों में सीने में जकड़न और बेचैनी, सांसों का तेजी से चलना, कंधों और जबड़ों की तरफ फैलता दर्द, चक्कर के साथ पसीना आना, नब्ज कमजोर पड़ना और मतली आना आदि शामिल हैं

मरीज को लिटायें Patient Ko Letaye हार्टअटैक आने पर मरीज को सबसे पहले आरामदायक स्थिति में लिटाएं और उसे एस्प्रीन की टेबलेट चूसने को दें. एस्प्रीन चूसने से हार्टअटैक में मृत्यु दर 15 प्रतिशत तक कम हो जाती है. क्‍योंकि यह दवा ब्लड क्लॉट बनने को रोकती है है और नसों और मांसपेशियों में खून नहीं जमता है. इसलिए अपने पास एस्पिरिन की टेबलेट को जरुर रखें.

इमरजेंसी फोन करें Emergency Phone Kare मरीज को लिटाने और एस्पिरिन की टेबलेट देने के फ़ौरन बाद इमरजेंसी नंबर पर फोन करें, एंबुलेंस को फोन कर स्थिति के बारे में अवगत कराकर तुंरत बुलाएं.

सीने को दबायें Chest Ko Press Kare हार्ट अटैक में धड़कने बंद हो सकती हैं. दौरा यदि अचानक हो और कार्डियो पल्मोनेरी के लक्षण हो जहां दिल की धड़कन बंद होने लगती है तो सीने को दबाकर सांस चालू करने की कोशिश करें. यह बहुत आसान है और इससे धड़कने फिर से शुरू हो जाती हैं. इसे सीपीआर तकनीक कहते हैं.

सीपीआर की विधि CPR Ki Vidhi इससे दिल की बंद हुई धड़कने शुरू हो जाती हैं. इसे करने के लिए मरीज को कमर के बल लिटायें, अपनी हथेलियों को मरीज के सीने के बीच रखें. हाथ को नीचे दबाएं ताकि सीना एक से लेकर आधा इंच चिपक जाए. प्रति मिनट सौ बार ऐसा करें और तब तक ऐसा करते रहे जब तक दूसरी तरह की सहायता नहीं मिल जाती है.

रोगी को कृत्रिम सांस दीजिए Artificial Breath मरीज को शीघ्र ही कृत्रिम श्वांस देने की व्यवस्था कीजिए. मरीज का तकिया हटा दें और उसकी ठोड़ी पकड़ कर ऊपर उठा दें. इससे सांस की नली का ब्लॉकेज कम हो जाता है और कृत्रिम सांस में कोई ब्लॉकेज नहीं होता है.

नाक को दबायें Nose Ko Press Kare रोगी की नाक को उंगलियों से दबाकर रखिए और अपने मुंह से कृत्रिम सांस दें. नथुने दबाने से मुंह से दी जा रही सांस सीधे फेफड़ों तक जा सकेगी. लंबी सांस लेकर अपना मुंह चिपकायें, हवा मुंह से किसी तरह से बाहर न निकल रही हो. मरीज के मुंह में धीमे-धीमे सांस छोड़ें, 2-3 सेकेंड में मरीज के फेफड़ों में हवा भर जायेगी. ऐसा दो से तीन बार कीजिए. अगर मरीज सांस लेना बंद कर दे तब सांस न दें

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