कान की सूजन व गांठ के घरेलू उपचार Kan Ki Sujan Aur Dard Ka ilaj

Home Remedies for ear inflammation

कर्णशूल अर्थात कानों में दर्द अनेक कारणों से हो सकता है. कान में फुंसी निकलने से सबसे अधिक कर्णशूल होता है. कान में जल भर जाने व सर्दी में ठंडी वायु के प्रकोप से भी कर्णशूल होने लगता है. कान के आस पास आघात लगने से कान के अंदर शोथ (सूजन) हो जाने से भी कर्णशूल की उत्पत्ति होती है.

कान की सूजन व गांठ के कारण व लक्षण Swelling In Ear Ke Lakshan

जाने-अनजाने कान में पानी चले जाने या किसी कारण कान के भीतरी भाग में क्षति पहुंचने पर कान में सूजन हो जाती है। कई बार कान से लिसलिसा पानी भी बहने लग जाता है।

कान की सुजन और दर्द का घरेलु उपचार Kan Ki Sujan Aur Dard Ka ilaj

Gharelu Nuskha # 1 – बकरी के दूध में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर और हल्का सा गर्म करके कान में बूंद-बूंद डालने से कर्ण शूल नष्ट होता है.

Gharelu Nuskha # 2 –आक के पत्तों को हल्का सा गर्म करके, उस पर घी लगाकर पत्तों को मसलकर कान में दो तीन बूंद रस टपकाएं. कर्णशूल पलक झपकते ही नष्ट होता है. दिन में दो तीन बार आक के पत्तों का रस कान में डाल सकते हैं.

Gharelu Nuskha # 3 –सरसों के तेल में मूली का रस और मधु मिलाकर, खूब गर्म करके, छानकर ठंडा हो जाने पर बूंद-बूंद कान में डालने से कानों का दर्द नष्ट होता है.

Gharelu Nuskha # 4 –जैतून के ताजे व कोमल पत्तों का रस निकालकर हल्का सा गर्म करके बूंद बूंद डालने से कर्णशूल नष्ट होता है.

Gharelu Nuskha # 5 –कान में फुंसी होने पर तेज दर्द होने पर नीम के तेल की बूंदें टपकाने से दर्द बंद होता है. शीत ऋतु में तेल को हल्का सा गर्म करके कान में बूंद-बूंद टपकाएं.

Gharelu Nuskha # 6 –लहसुन की कलियों को छीलकर थोड़ा सा कुचलकर सरसों के तेल में आग पर पकाएं. जब लहसुन जल जाए तो आग से उतारकर कपड़े से तेल को छानकर शीशी में भरकर रखें. इस तेल को सुबह-शाम बूंद बूंद कान में डालने से शूल नष्ट होता है.

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Gharelu Nuskha # 7 –अलसी के तेल को हल्का सा गर्म करके सुबह शाम बूंद-बूंद कान में डालने से कर्णशूल नष्ट होता है.

Gharelu Nuskha # 8 –सूरजमुखी के पत्तों का रस निकालकर, उसमें तिल का तेल मिलाकर हल्का सा गर्म करके बूंद बूंद कान में डालने से कान का दर्द नष्ट होता है.

Gharelu Nuskha # 9 –शीत ऋतु में कर्णशूल होने पर अदरक का रस हल्का सा गर्म करके बूंद-बूंद कान में डालने से तुरंत शूल नष्ट होता है.

Gharelu Nuskha # 10 –कर्णशूल होने पर घर में कोई औषधि नहीं मिले तो तुलसी के पत्तों को कूट-पीसकर, किसी कपड़े में बांधकर निचोड़कर उसका रस निकालें. इस रस को हल्का सा गर्म करके कान में बूंद-बूंद डालने से तुरंत शूल नष्ट होता है.

Gharelu Nuskha # 11 –आम के ताजे और कोमल पत्तों का रस निकालकर, उसमें सिरस के ताजे पत्तों का रस मिलाकर, हल्का सा गर्म करके कान में बूंद-बूंद डालने से कर्णशूल नष्ट होता है.

Gharelu Nuskha # 12 –सहजन के ताजे व कोमल पत्तों का रस हल्का सा गर्म करके बूंद-बूंद कान में टपकाने से शीघ्र दर्द नष्ट होता है.

Gharelu Nuskha # 13 –छोटे बच्चों के कान में दर्द होने पर स्त्री के दूध की कुछ बूंदें कान में टकराने से शीघ्र दर्द नष्ट होता है.

Gharelu Nuskha # 14 –घी में कपूर मिलाकर कुछ देर तक आग पर पकाकर, छानकर कांच की शीशी में भरकर रखें. कान में दर्द होने पर इस मिश्रण को हल्का सा गर्म करके बूंद-बूंद कान में टपकाने से कर्णशूल जल्दी नष्ट होता है.

Gharelu Nuskha # 15 –बिजौरा नींबू के रस में थोड़ा सा सज्जीखार मिलाकर, हल्का सा गर्म करके कान में डालने से कर्णशूल नष्ट हो जाता है.

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Gharelu Nuskha # 16 –सुदर्शन के पत्तों का रस निकालकर, उस रस को हल्का सा गर्म करके सुबह-शाम कान में बूंद-बूंद डालने से कर्णशूल सरलता से नष्ट हो जाता है.

Gharelu Nuskha # 17 –शीत ऋतु में ठंडी वायु के प्रकोप से कर्णशूल की उत्पत्ति होने पर पान के पत्तों को कूटकर रस निकालें. उस रस को हल्का सा गर्म करके कान में बूंद-बूंद डालने से कर्णशूल तुरंत बंद हो जाता है.

सुजन के अन्य घरेलु उपचार

आवंला: एक भाग आवला और दो भाग हल्दी पानी में मिलाकर सिल पर पीसकर लेप करने से कान की सूजन मिट जाती है।

ईसबगोलः ईसबगोल के लुआब में प्याज का रस या मेथी मिलाकर आग में भली-भांति पका लें। रस पकने पर एक-दो बूंद कान में टपकाने पर कान की सूजन खत्म हो जाती है।

जायफलः जायफल को पानी के साथ सिल पर घिसकर लगाने पर कान में सूजन नहीं रहती।

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