कान के रोगों का घरेलू इलाज

Home Remedy for ear diseases

यदि आपको फोन की आवाज या सामने वाले की बातचीत साफ सुनाई नहीं देती और कान में हमेशा सीटी बजने का अहसास होता है, तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। यह कान में हुए रोगों के कारण भी हो सकता है | यहां पर हम कान से सम्बंधित कुछ रोगों के बारे में बता रहें हैं |

कान में खुजली

नीबू: नीबू का रस और ग्लिसरीन मिलाकर रूई की फुरहरी बना लें। इस रूई की फुरहरी को कान में लगाए रखें। कानों में खुजली नहीं होगी।

कान का दर्द

अदरकः अदरक का रस कुनकुना करके कान में डालने से कान में किसी भी प्रकार का दर्द हो, ठीक हो जाता है।

केलाः केले के तने का रस हल्का गरम करके कान में डालने से कान दर्द में अतिशीघ्र लाभ पहुंचता है।

आमः आम के पत्तों का रस कुनकुना करके कान में डालने से कान की पीड़ा कम हो जाती है।

कान का बहना

नीबूः प्रात: दो नीबू पानी में निचोड़कर नित्य पीने से कान से मवाद निकलना और कान का बहना ठीक हो जाता है।

माजूफलः माजूफल को पीसकर सिरके में उबालकर छान लें। इसे कान में डालने से कान का बहना बंद हो जाता है।

कान का फोड़ा

आमः कच्चे आमों को पीसकर रस निकाल लें। इस रस को सरसों के तेल में मिलाकर कुछ बूंदें कान में टपका दें। कान का फोड़ा शीघ्र ही ठीक हो जाएगा।

कान कि सफाई

नीबूः नीबू के रस में थोड़ा सा सोडा-बाई कार्ब मिलाकर थोड़ा-थोड़ा कान में डालने से कानों में जमा मैल बाहर आ जाता है।

4 Comments

  1. सर मेरी उम्र 28 साल है और मेरा एक्सीडेंट लघभग 4 साल पहले हुआ था फेसिअल पाल्सी भी हुआ था जो ठीक हो गया पर मेरे कान से आवाज आती रहती है और मेरी खुद की आवाज कान में गूंजती है कृपया हल बताये।।

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