कम खाएं और अधिक जिएं Kam khayen Aur Adhik Jiyen

खाने के लिए नहीं जिए, अपितु जीने के लिए खाए. यह सही है कि जीवन यापन के लिए खाना जरूरी होता है. पर जीवन में सिर्फ खाने को ही उद्देश्य बनाना गलत है. उतना ही खाना चाहिए जितना हमारे शरीर के लिए जरूरी है. लंबी उम्र के लिए लिमिटेड मात्रा में ही खाना चाहिए. न कम न बहुत ज्यादा. डॉक्टर यक्षपात बेंजामिन फ्रेंकलिन ने सच ही कहा है, “जीवन को दीर्घ करने के लिए भोजन को न्यून कीजिए”.

एक बहुत प्रचलित उक्ति है – कम खाओ, गम खाओ और नम जाओ Ek Bahut Prachlit Ukati hai Kam Khao, Gum Khao Aur Num Jao

एक स्वस्थ जीवन के लिए पौष्टिक भोजन आवश्यक होता है (Nutritious food is necessary for a healthy life). लंदन में किए गए एक शोध के अनुसार यदि आपमें लंबे समय तक जीने की तमन्ना है तो सिर्फ उतना ही खाएं जितना जरूरी है. ये कहना है बर्मेघम स्थिर अल्बामां विश्वविद्यालय के डेरेक हाफमेंन का.  हफमेन ने चूहों पर किए गए शोध के आधार पर यह सिद्ध किया है कि “कम खाना ही लंबी उम्र का राज है”.

शोध के दौरान हफमेन ने चूहों को विभिन्न तरह की डाइट पर रखा और पाया कि कम भोजन करने से रक्त में ग्लूकोज की मात्रा नियंत्रित हो जाती है हमें चाहिए कि हम हर स्तर पर शुद्ध, सात्विक तथा सादा भोजन को प्राथमिकता दें. भोजन में दही, छाछ, सलाद, हरी सब्जियां व फलों को सम्मिलित करें. बाइबल में लिखा है “जो अपने मुख तथा जिह्रा पर संयम रखता है, वह अपनी आत्मा को संतापों से बचाता है.”

सप्ताह में एक दिन होटल का खाना, जंक फूड का सेवन व गरिष्ठ पदार्थों का अधिक सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं होती है (Avoid Junk food). हकीम लुकमान ने कहा है “इंसान जान बूझकर अपनी कब्र अपनी जीभ से खोदता है, अधिक भोजन तथा अधिक बोलने से.”

खेल तो हम सभी ने खेले हैं. फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी और भी बहुत से खेल हमने खेले हैं. पर इन सब खेलों में एक समानता थी और वह यह कि हर खेल में नियम होते हैं, उन नियमों का पालन कर जीत आसान हो जाती है. ठीक उसी प्रकार भोजन के भी कुछ नियम होते हैं(Food also has some rules). वह नियम जिन्हें अपनाकर जीवन की स्वास्थ्य के प्रति जंग पर विजय पाई जा सकती है.

भोजन में अपनाये ये नियम Bhojan me Apnaye ye Niyam

स्वस्वछता बनाय रखना है जरुरी Swachata hai jaruri : भोजन बनाने व ग्रहण करने के पूर्व अपने हाथों को अच्छी तरह धोएं. अस्वच्छता के प्रति लापरवाही बीमारियों को ही निमंत्रण देने के बराबर होती हैं.

समय का विशेष धयान रखे Samay Ka Rakhe Vishesh Dhayan : सुबह व रात्रि को समय पर भोजन करें. देर से भोजन करने पर पाचन तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इससे पाचन क्रिया भी कमजोर हो जाती है जिससे कब्, अपच आदि समस्याएं होती है. साथ ही भोजन करते समय मन को शांत रखना चाहिए.

तनाव से बनाय दूरी Tanaav se Banaay Doori भोजन के समय तनाव को मस्तिष्क से तनाव को अलविदा कहना चाहिए. जिस समय आप परेशान, चिंतित, क्रोधित, निराश या तनाव ग्रस्त हो उस समय भोजन नहीं करना चाहिए, क्योंकि उस समय पाचन क्रिया ठीक से काम नहीं कर रही होती. ऐसे में आप भोजन नहीं खाएंगे, भोजन आपको खाएगा. तनाव से मुक्ति कैसे पाएं

मन को रखे भोजन पर केंद्रित Concentrate on Food While Eating: भोजन करते समय ध्यान दूसरी ओर नहीं जाना चाहिए. कई लोग होते हैं जिन्हें परिस्थितियों के कारण दिन में एक बार भी भोजन हीं मिलता. हमें दानों समय तृप्त करने वाला भोजन प्राप्त कर ईश्वर को धन्यवाद देना चाहिए. जब भी हम भोजन करते हैं, तो वह पवित्र अवसर होता है. कभी भी घूमते हुए भोजन नहीं करना चाहिए. एक जगह बैठ कर शांत चित्त से भोजन ग्रहण करने की आदत डालें. भोजन की आदत कैसे डालें 

भोजन में लाये विवधिता Bhojan Me Laye Vivdhita : खाने में विविधता जरूरी है. रोज रोज एक ही तरह का भोजन करके हर कोई बोर हो जाता है. मन न होते हुए भी किसी चीज को खाने से शरीर को उसका संपूर्ण पोषण नहीं मिल पाता. ऐसे में जरूरी है कि खाने में विविधता हो. एक ही प्रकार के अन्न और सब्जियों से बहुत तरह की चीजें बन सकती हैं. भोजन के हानिकारक संयोग

बिना भुख के न खाये Bina Bhukh ke Na Khaye : हमेशा भूख लगने पर ही खाना खाना चाहिए. यदि थोड़ी भूख लगी हो तो कुछ न खाएं. अगर ऐसे में कुछ खाना ही है तो फल खा ले. कहा जाता है कि “आंत भारी तो माथा भारी.” भूख न लगने पर भी खाना मस्तिष्क को सुस्त बनाता है. मस्तिष्क कार्य नहीं करेगा तो पूरे शरीर में सुस्ती आती है और व्यक्ति को बहुत नींद भी आने लगती है.

भोजन स्वादिस्ट व् तरल हो Bhojan Swadhist aur Taral : पूर्ण संतुष्टि के साथ भोजन ग्रहण करने के लिए भोजन को स्वादिष्ट होना जरूरी है. स्वादिष्ट होने के साथ भोजन थोड़ा तरल भी होना चाहिए. सब्जी रस वाली हो, सूखी सब्जी कब्ज का कारण बनती है. भोजन के पश्चात छाछ का सेवन करना चाहिए. सलाद का भी भरपूर उपयोग करना चाहिए. स्वस्थ, सुंदर और शक्तिशाली शरीर के लिए भोजन

भोजन को चबाकर ही खाये Bhojan ko Chabakar hi Khaye : खाने में कभी जल्दबाजी न करे. प्रकृति ने हमें दांत इसलिए दिए है कि हम जो खाए उसे अच्छी तरह चबाकर खाएं. खाने को जितना जब आएंगे उतना ही लाभदायक होगा.

रात्रि को समय पर भोजन करें Raat ko Bhojan samay par hi kare : रात को सोने के काफी पहले भोजन कर लें. भोजन करने के तुरंत बाद सोना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है. यह मोटापे का कारण होता है. साथ ही यह पाचन तंत्र को भी प्रभावित करता है.

थके हो तो भोजन न करे Thake ho To Bhojan na kare : यदि आपके मन में खाना खाने को लेकर कोई दुविधा है तो खाना नहीं खाए. अधिक शारीरिक श्रम अथवा थकान के तत्काल बाद भोजन न करें. कुछ देर रुक कर विश्राम करें. फिर भोजन करने के लिए बैठे.

भोजन में पोषक तत्व है जरुरी : पौष्टिक भोजन न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है, बल्कि रोगों से सुरक्षा प्रदान करने में भी मदद करता है. शुगर, जंक फूड, फास्टफूड, मिठाई आदि खाने की सूची से निकाल दे. अधिक सॉफ्टड्रिंक, अल्कोहल का सेवन करने से भी परहेज करें. गर्भावस्था में पौष्टिक भोजन

फलों का इस्तेमाल है जरुरी Falon ka Istemaal hai jaruri : किसी भी फल के जूस से बेहतर उस फल को खाना होता है. रोजाना फलों का सेवन करें. ज्यादातर फल छिलके के साथ ही खाए जा सकते हैं. फलों के छिलके में पेक्टिन नामक तत्व पाया जाता है. इसके सेवन से उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है. यह कोलोन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर से भी बचाता है.

पानी पिए भरपूर Paani piye Bhapoor : दिन में 2-3 लीटर पानी तरलव पदार्थ ले. पानी ने सिर्फ फैट कम करता है बल्कि शरीर से विषाक्त तत्व भी निष्कासित करने में सहायक होता है. यह भूख कम करने के साथ कब्ज से छुटकारा दिलाता है. प्रातः ऊषा पान करें. दूषित पानी से हो सकता है टाइफाइड

नशे से बनाये दूरी Nashey se Banaye Doori : मद्यपान, धूम्रपान व अन्य नशीली वस्तुओं के सेवन से परहेज करें. यह मेटाबॉलिस्म को कमजोर करते हैं. नशीले पदार्थों का लीवर पर भी बुरा असर पड़ता है. किसी महापुरुष के कथन के अनुसार “नशीली चीजें किसी के थके घोड़े में चाबुक का काम करती हैं”. नशा मुक्ति उपचार

स्वास्थय के लिए माउथ फ्रेशनर भी है जरुरी Mouth freshener ka Use : हम सभी की आदत होती है कि खाने के बाद कोई न कोई माउथ फ्रेशनर खाए. इससे मुंह से ताजगी की सुगंध आती है. पर खाने के बाद पान सुपारी इत्यादि खाने की जगह सौंफ, मिश्री खाए, इससे मुंह में अच्छी गंध भी आएगी तथा ये स्वास्थ्य के लिए उपयोगी सिद्ध होगी.

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