कृमि रोग से आंतों को नुकसान Krimi Rog se Aanto ko Nuksan

मिठाई, गरिष्ठ भोजन का अधिक सेवन करना हमारे पाचन तंत्र के नियमों के विरुद्ध होता है. जब मनुष्य प्रकृति के नियमों के विरुद्ध जाता है तो वह कई प्रकार की समस्याओं से ग्रस्त हो जाता है. ऐसा ही एक समस्या है कृमि रोग- पेट में कीड़े होने की बीमारी(Krimi Rog Pet me Kide Hone ki Bimari).

संक्रमित भोजन या पानी का सेवन करने से पेट में कीड़े होने की समस्या उत्पन्न होती है. समय पर सही उपचार न मिलने पर यह रोगी की तकलीफ को बढ़ा सकता है(Krimi Rog ka Smay par Upchar).पेट में कृमियों का होना सामान्य बात है. हर उम्र के लोगों में यह समस्या पाई जा सकती है. कृमि हमारे स्वास्थ्य पर तब ही आक्रमण करते हैं जब हम अस्वच्छ पानी, दूषित व अशुद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन तथा शारीरिक स्वच्छता के प्रति लापरवाही बरतते हैं. ऐसा वातावरण कृमियो की संख्या में वृद्धि में सहायक होता है.

अंग्रेजी में ‘वर्म इंफ़ेस्टेशन’ कहां जाने वाला कृमि रोग पेट में कीड़े होने की समस्या है. आधुनिक चिकित्सा में इसे परजीवी गोलकृमि, फीता कृमि, पिन कृमि आदि अनेको नामों से जाना जाता है. . गंभीर स्थिति में यह रोगी के लिए जानलेवा भी हो सकते हैं. आयुर्वेद व घरेलू चिकित्सा तकनीक में कई ऐसे नुस्खों का वर्णन है जो कृमियो को नष्ट करने के साथ ही उनकी संख्या बढ़ने से भी रोकते हैं(Krimi Rog ko English me worm infestation bhi kaha jata hai)

कृमि रोग के निम्नलिखित लक्षण है Krimi Rog ke Nimanlikhit Lakshan hai

  1. डायरिया या दस्त लग जाना Diarrhea Ya Dast Lag Jana
  2. चेहरे पर सूजन आ जाना Face pe Sujan Aana
  3. त्वचा का लाल होना और खुजली आना Skin Red hona ya Khujli Aana
  4. भूख न लगना Bhuk na Lagna
  5. पेट में दर्द व जलन Pet me Dard or Jalan
  6. श्वास लेने मे तकलीफ Saans me Problem
  7. बुखार का आना Bukhar Aana
  8. हृदय रोग का खतरा Hariday Rog Hone ka Khatra
  9. कमजोरी का अनुभव होना Kamjori ka Anubhav Hona
  10. नींद न आना Nind na Aana

कृमि रोग के घरेलु इलाज के उपाय Krimi Rog ke Gharelu Ilaj ke Upay

लहसुन से कृमि रोग उपचार Lahsun se Krimi Rog ka Upchar से लहसुन के सेवन से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को नष्ट करने में मदद मिलती है. यह पेट में मौजूद जीवाणुओं को भी दूर करता है. लहसुन की कलियों को पीसकर पेस्ट बना लें. रोजाना इसका प्रातः खाली पेट सेवन करें. इससे पेट की समस्या से जल्द राहत मिलेगी. Read More – लहसुन खाने के फायदे 

छाछ है लाभदायक Chhach hai Labhdayak दही में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण पेट में कीड़े की समस्या से निजात दिलाने में सहायक होते हैं. छाछ में काला नमक और काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर पीने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं.

हल्दी से कृमि रोग का घरेलू इलाज Haldi se Krimi Rog ka Gharelu Ilaj हल्दी अनेक रोगों के लिए एक प्राकृतिक रामबाण औषधि है. हल्दी के एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण कृमि रोग में फायदेमंद होते हैं. एक कप गर्म पानी में हल्दी पाउडर मिलाकर रोजाना सेवन करने से पेट में कृमि से निजात मिलता है. Read More – जाने हल्दी के 10 आश्चर्यजनक फायदे

कृमि रोग का अनार से उपचार Krimi Rog Ka Anar se Upchar अनार के छिलके धूप में सुखाकर चूर्ण बना लें. इस चूर्ण का शक्कर के साथ सेवन करने से पेट के कीड़े मरते हैं. Read More – अनार खाने के फायदे

पीपल के फायदे Pipal ke Fayde आयुर्वेद में पीपल को स्वास्थ्यवर्धक गुणों का भंडार माना गया है. पीपल के पत्तों को सुखाकर चूर्ण बना लें. इसमें समान मात्रा में नींबू का रस और शहद मिलाएं. कृमि रोग के उपचार के लिए रोजाना 2 बार इस मिश्रण का सेवन करें.

नीम और करेला से कृमि रोग से छुटकारा Neem aur Karela se Krimi Rog se Chutkara नीम को जीवाणुओं को दूर करने में रामबाण माना जाता है. नीम और करेला स्वाद में भले ही कड़वी है लेकिन इन के औषधीय गुण बड़े ही मीठे होते हैं. नीम और करेले के पत्तों को लहसुन व पुदीने के साथ मिलाकर इनका रस निकाल लें. इस रस का रोजाना 2 बार सेवन करने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं. Read More – नीम के दातुन के फायदे

अजवाइन के गुण Ajwain ke Gun अजवाइन एक प्रबल कीटनाशक के रूप में उपयोग में लिया जाता है. अजवाइन के चूर्ण को गुड़ के साथ मिलाकर गोली बना ले. दिन में 2-3 बार इसका सेवन करने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं.

पपीता के बीज से उपचार Papita ke Beej se Upchar पपीता पाचन तंत्र को सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है. पपीते के बीज को सुखाकर चूर्ण बना लें. इसका भोजन के पश्चात सेवन करने से कब्ज की समस्या नहीं होती. Read More – पपीता खाने के फायदे

कृमि रोग से बचने की सावधानियां Krimi Rog se Bachne ki Saavdhaniya

parasitic worm and food poisoning.
  1. पानी को हमेशा उबालकर ही प्रयोग करे.
  2. अपने नाखूनों को साफ रखें जिससे खाना खाते वक्त आपके पेट में गंदगी न जाए.
  3. स्वस्थ व पौष्टिक भोजन व पानी का ही सेवन करें.
  4. अस्वच्छ स्थानों पर मिल रहे खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करें.
  5. घर व आसपास के वातावरण की साफ सफाई का पूर्ण ध्यान रखें.

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