लौकी खाने के फायदे Lauki Khane Ke Fayde In Hindi

लौकी खाने के फायदे Lauki Khane Ke Fayde In Hindi Language

लौकी खाने के फायदे (Lauki Khane Ke Fayde In Hindi Language)

लौकी (घीया) एक सब्जी है । आकार के अनुसार लौकी मुख्यतः दो प्रकार की होती है- लम्बी बेलनाकार लौकी तथा गोल लौकी । यह वास्तव में मनुष्य की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद सब्जी है । इसमें प्रोटीन, वसा. कार्बोहाइड्रेट, जल, विटामिन-बी, आयरन, फॉस्फोरस, कैल्शियम आदि तत्व पाए जाते हैं | आइये जानते है इससे होने वाले औषधिय फायदे के बारे में-

सिर-दर्द – गर्मी के कारण सिर में भारीपन और दर्द हो तो घिया का गूदा निकाल, बारीक पीस मस्तिष्क पर लेप करने से वह दूर हो जाता है |

गुर्दे में दर्द – घिया का गूदा पीस, गरम करके दर्द के स्थान पर लेप कर देना चाहिए |

पैरों के तलवों की जलन – गर्मी शान्त करने के लिए घिया को काट, इसके गूदे को तलवों पर रगड़ना चाहिए |

उन्माद, सन्निपात-ज्वर, मदात्पय – सिर पर घीया के पिसे हुए गूदे का लेप करें तथा इसके बीजों का तेल सिर पर लगावें |

कान का दर्द – यदि किसी छोटे बच्चे के कान में दर्द हो तो कच्चा घीया कूटकर रस निकालकर (मां या किसी भी महिला) के दूध में बराबर की मात्रा में मिलाकर थोड़ा गरम करके एक या दो बूंद टपका देने और ऊपर से रुई का फाहा लगा देने से कान का दर्द जाता रहता है |

खूनी बवासीर, खूनी दस्त – घीया के ऊपर का छिलका धूप में सुखा, बारीक कूटकर रख लें | मात्रा पांच ग्राम चूर्ण सायं काल ताजा जल के साथ रोग-दशानुसार 5-7 दिन लेने से लाभ हो जाता है | पथ्य रूप में खिचड़ी खिलायें |

बवासीर – घीया के पत्तों को पीसकर लेप करते रहने से भी कुछ दिनों में बवासीर समाप्त हो जाता है |

मुत्रावरोध – घीया का रस 10 ग्राम, कलमी शोरा 2 ग्राम, मिश्री 20 ग्राम, 250 ग्राम जल में दो बार लेने से पेशाब रुक जाने की बीमारी दूर हो जाती है |

पीलिया – घीया को भूभल में भूनकर उसका रस निचोड़ (मात्रा 20 ग्राम) उसमें मिश्री मिलाकर दिन में एक बार कुछ दिनों तक पीने से जिगर की गर्मी, पीलिया आदि रोग समाप्त हो जाते हैं | अथवा इसके ताजा पत्तों के रस का सेवन भी लाभ करता है |

खांसी के साथ रुधिर आना – घीया का छिलका सुखाकर कूटकर उसमें मिश्री मिलाकर रख लें | मात्रा 5-6 ग्राम प्रातः सायं ताजा पानी के साथ लगभग एक माह तक लेते रहने से खांसी के साथ खून आना रुक जाता है | गर्म वस्तुओं का सेवन वर्जित है |

दांत में दर्द (दंतशूल) – घीया का गूदा 50 ग्राम तथा लहसुन 10 ग्राम को 500 ग्राम पानी में उबालें, आधा पानी जल जाने पर छानकर कुनकुने पानी से कुल्ला करायें |

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