लेप्रोसी – कुष्ठ रोग का उपचार Leprosy Treatment In Hindi

Natural remedies for leucoderma

कोढ़ – लेप्रोसी का घरेलू इलाज Leprosy Treatment In Hindi – Kushth Rog Ka ilaj

प्रायः सामान्यजन कोढ़ या कुष्ठ के रोगियों के संबंध में यही अनुमान लगाते हैं कि उनके अंग गल जाते हैं, परन्तु ऐसा होता नहीं है | लगभग 20 प्रतिशत रोगियों में ही ऐसा होता है कि उनके नाक, हाथ, उंगलियां, पैर, पैरों की उंगलियां गल जाती हैं | पहले इसे असाध्य रोगों की श्रेणी में रखा जाता था परन्तु अब इसकी समुचित चिकित्सा संभव है |

यह वंशानुगत रोग नहीं है और न ही यह कोई संक्रामक रोग है | इसके बैक्टीरिया को दण्डाणु कहते हैं | ये दण्डाणु विकृत अंग से निकलते रहते हैं | प्रायः निर्धन लोग इससे अधिक प्रभावित होते हैं |

कोढ़ होने का कारण Kushth Rog Kyo Hota Hai

रोग फैलाने वाले दण्डाणुओं (Bacilli) के शरीर में प्रवेश करने के कई माह बाद लक्षण स्पष्ट होते हैं | रोग के दण्डाणु त्वचा की ग्रन्थियों, रक्त नाड़ियों, यकृत, प्लीहा आदि में रहकर विषक्रमण करते हैं |

कोढ़ होने के लक्षण (Leprosy) Kushth Rog Ke Lakshan

रोग के प्रारम्भ में मांसपेशियों में दर्द होता है और रोगी को ज्वर हो जाता है | शरीर के विभिन्न अंगों में खुजली हो जाती है | त्वचा चिकनी सी लगती है | थोड़ी सी धूप और परिश्रम से त्वचा में जलन होने लगती है | त्वचा सुन्न हो जाती है, लाल-लाल चकत्ते बनने लगते हैं | पीव का स्राव होने लगता है | नाक, गले व चेहरे पर गांठे बनकर गलने लगती हैं | स्पर्श का अनुभव नहीं होता |

कोढ़ का उपचार Leprosy Kushth Rog Ka ilaj Hindi Me

1. कुष्ठ रोगी यदि जमीकन्द की सब्जी नियमित रूप से खाता रहे तो अवश्य लाभ होता है |

2. करेले के एक कप रस में एक चम्मच नीबू का रस खाली पेट धीरे-धीरे चुस्कियां लेते हुए पीना चाहिए | यदि इसका उपयोग 4-6 महीने लगातार किया जाए तो कुष्ठ रोग नियंत्रण में रहता है |

3. लहसुन के रस के प्रयोग से भी रोग में आराम मिलता है |

4. बथुए को उबाल कर उसका रस पीने और घावों पर लगाने से कोढ़ ठीक होता है |

5. आंवले का चूर्ण या आंवले के रस का सेवन कुष्ठ रोग में लाभ देता है |

6. नीम और लाल मोगरा का तेल समान मात्रा में मिलाकर रखें | इसे कुष्ठ के घावों पर लगाने से लाभ होता है | रोगी को नीम के पेड़ के नीचे बैठकर स्वास्थ्य लाभ करना चाहिए | कुष्ठाश्रमों में अधिक-से-अधिक नीम के पेड़ लगाने चाहिए | नीम वातावरण को प्रदूषण मुक्त रखने में अत्यन्त सहायक होता है | नीम के तेल की मालिश करने से रोग में लाभ होता है | नीम की पत्तियों का रस पीते रहना भी गुणकारी है |

3 Comments

  1. Respected Sir/Mam,
    Mere Father ki age around 62 Years hai, Aur unhe kafi dino se Leg me problem rhti hai, Unki Dono Leg (Ghutne se neeche) bilkul sun rhte hai, injury hone pr b unhe kuchh pta nahi chalta…aur pain b rhta hai, Body pr b red color ke kuchh daad jase spot ho gye the..jo medicine khane ke baad chle gye, but leg me same problem hai… So please guide kre iske liye hme kya krna chaiye jisse unko aaram mile…

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