मलेरिया से रोकथाम, सुरक्षा और घरेलु उपचार Malaria se Roktham Suraksha Aur Gharelu Upchar

वर्षा ऋतु में हर कोई बारिश का लुफ्त उठाना चाहता है. वर्षा ऋतु जहां मौसम को खुशनुमा बनाती है वही अपने साथ कई प्रकार की संक्रामक बीमारियां भी ले आती है. उन्ही में से एक है मलेरिया. यह एक जानलेवा बुखार है जो बारिश के मौसम में तेजी से फैलता है. मौसम परिवर्तन के चलते यह रोग किसी को भी हो सकता है. इससे बचाव के लिए इस पर चर्चा जरूरी है(Malaria Ek Janlewa Bukhar Hai).

यह रोग एक परजीवी रोगाणु प्लास्मोडियम के शरीर में प्रवेश करने से होता है(Malaria Machar ke katne se hota hai). यह रोगाणु मादा एनोफिलिज मच्छर में पाया जाता है. मच्छर के काटने से परजीवी की लार मनुष्य के रक्त में संक्रमण फैला देती है. यह मच्छर जब किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तब वह व्यक्ति भी मलेरिया से पीड़ित हो जाता है. अतः यह रोग मच्छर से इंसान को व इंसान से मच्छर को भी हो सकता है(Malaria se shuruaati Roktham hi Suraksha hai).

मलेरिया का अगर समय रहते उपचार न किया जाए तो पीड़ित की मृत्यु भी हो सकती है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसैफ) के अनुसार हर वर्ष करीब 8.5 लोगों की मलेरिया से मृत्यु होती है. हर साल 25 अप्रैल को पूरे विश्व में वर्ल्ड मलेरिया डे मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को मलेरिया के प्रति जागरुक करना है. यह दिन लोगों को मलेरिया के लक्षण और उपचार के बारे में जानकारी देने के लक्ष्य से मनाया जाता है.

मलेरिया के लक्षण तथा कारक Malaria ke Lakshan Tatha Karak

मलेरिया रोग के लक्षण संक्रमित मच्छर के काटने के 10-12 दिनों के बाद प्रकट होते हैं. मलेरिया से संक्रमित व्यक्ति के लक्षण :

  • तेज बुखार, बुखार उतरने के पश्चात रोगी को Tej Bukhar
  • कमजोरी महसूस होना Kamjori Mahsus Hona
  • उल्टी का होना Ulti Hona
  • जी घबराना Ji Ghabrana
  • अचानक ठंड लगना Achanak Thund Lagna
  • सिर दर्द होना Sar Dard Hona
  • भूख न लगना Bhuk Na Lagna
  • मांसपेशियों में दर्द और खिचाव Manspeshiyo me Khichav
  • रक्ताल्पता Raktalpata
  • मितली आना Mitali aana
  • रक्त में ग्लूकोज की कमी हो जाना Rakt me Glucose ki kami ho Jana

बच्चों में मलेरिया मस्तिष्क को गंभीर क्षति पहुंचा सकता है. मलेरिया के प्रारंभिक दौर में बच्चों का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है और उन्हें भूख भी कम लगती है. कई बच्चों को नींद न आने की शिकायत भी रहती है. बुखार के दौरान बच्चे को सांस लेने में परेशानी होती है. बुखार में तापमान कभी-कभी तेजी से बढ़ता है तो कभी अचानक कम होने लगता है. तापमान कम होते वक्त बच्चे को बहुत पसीना आता है. अगर यह लक्षण किसी बच्चे में नजर आए तो समझ लेना चाहिए कि मलेरिया का संक्रमण तेजी से उसके शरीर में फैल रहा है. ऐसी स्थिति में शीघ्र इलाज करवाना चाहिए.

मलेरिया का घरेलु नुस्खों से उपचार Malaria ka Gharelu Nuskho se Upchar

तुलसी से मलेरिया का इलाज Tulsi se Malaria ka Ilaj

भारतीय संस्कृति में तुलसी का अपना ही विशेष स्थान है. यह पूजनीय होने के साथ-साथ स्वास्थ्य वर्धक भी होती है. 10 ग्राम तुलसी के पत्ते और 7=8 मिर्च को पानी में पीसकर सुबह शाम लेने से मलेरिया का बुखार जल्दी ठीक होता है. रोग के लक्षणों को कम करने के लिए तुलसी के पत्तों के रस में शहद मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें. इसकी 1-1 ग्राम मात्रा रोज सुबह शाम रोगी को देने से लाभ होता है. घर के आस-पास तुलसी का पौधा लगाने से मच्छर भी नहीं पनपते. Read More – तुलसी खाने के फायदे

नीम से मलेरिया का उपचार Neem se Malaria ka Upchar

नीम एक ऐसे ही औषधि है जो रोगाणुओं को नष्ट करने में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है. यह मलेरिया रोधी के रूप में प्रसिद्ध हैं. नीम के पेड़ की छाल का काढ़ा दिन में 3 बार रोगी को पिलाने से आराम मिलता है. इसके लिए 10 ग्राम छाल को आधे गिलास पानी में तब तक उबालें जब तक वह ¼ न रह जाए. इसे छानकर गुनगुना पी ले. इससे बुखार से पीड़ित रोगी को राहत मिलती है. Read More – सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए बहुत ही लाभदायक है नीम 

मलेरिया में अदरक के फायदे Malaria me Adrak ke Fayde

बारिश में अदरक वाली चाय तो हर किसी को पसंद आती है. पर क्या आप यह जानते हैं कि यही अदरक बारिश के जानलेवा बुखार मलेरिया के इलाज में भी लाभदायक होती है. थोड़ी सी अदरक में 2-3 चम्मच किशमिश मिलाकर उसमें पानी डाल दें. इस घोल को तब तक उबालें जब तक पानी आधा नहीं रह जाता. फिर इसे ठंडा कर ले. दिन में 2 बार इस घोल का सेवन करने से मलेरिया का बुखार कम होता है. इसके अतिरिक्त अदरक के रस में हरसिंगार के पत्ते और शक्कर मिलाकर लेने से भी लाभ होता है. Read More – अदरक के औषधीय गुण

दालचीनी के लाभ Daalchini ke Labh

खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ ही दालचीनी रोगों का भी नाश करती है. एक चम्मच दालचीनी में एक चम्मच शहद और आधा चम्मच कालीमिर्च मिलाकर चूर्ण बना लें. इसे एक गिलास पानी में उबालकर ठंडा कर ले. इसके सेवन से बुखार में राहत मिलती है.

गिलोय से करे मलेरिया का इलाज Giloy se Malaria kare Malaria ka Ilaj

गिलोय एक प्रकार की आयुर्वेदिक बेल है जिसमें सभी प्रकार के बुखार से लड़ने के गुण विद्यमान हैं. गिलोय को पानी में उबाल कर काढ़ा बना लें. इसमें शहद मिलाकर 40-70 मिली. की मात्रा का नियमित सेवन करने से मलेरिया में लाभ मिलता है. बुखार कम करने के लिए 40 ग्राम गिलोय को पीसकर एक मिट्टी के बर्तन में रातभर के लिए पानी डालकर रख दें. प्रातः इसे छानकर 80 ग्राम मात्रा दिन में 3 बार पीने से बुखार दूर हो जाता है.

अमरूद है फायदेमंद Amrud hai Faydemand

अमरूद मलेरिया के उपचार में प्रभावी होता है. इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर को मलेरिया के रोगाणु से लड़ने की शक्ति देता है. मलेरिया के रोगी को दिन में 2-3 बार अमरूद का सेवन अवश्य करना चाहिए. बिना छिलका हटाए अमरुद खाना ज्यादा फायदेमंद होता है. Read More – अमरुद खाने के फायदे

मलेरिया के इलाज के लिए ताजे फलों का रस व अन्य तरल पदार्थों का नियमित अंतराल पर सेवन करना चाहिए. इसके अलावा रोगी को खुली हवा में भी वक्त बिताना चाहिए क्योंकि प्रकृति से बढ़कर कोई चिकित्सा नहीं.

मलेरिया से रोकथाम के उपाय Malaria se Roktham ke Upay

मलेरिया जैसी घातक बीमारी की रोकथाम के लिए निम्न उपाय अपनाए जा सकते हैं :

  • घर व आसपास के इलाके में कीटनाशक का छिड़काव
  • लंबे समय तक पानी को एक जगह न ठहरने दे
  • साफ सफाई का खास ख्याल रखें
  • मच्छरदानी लगाकर सोए
  • घर के आस-पास यदि गंदा पानी जमा हो तो उस में पेट्रोल या घासलेट डाल दें. इससे मच्छर नहीं पनपते.
About Dr Kamal Sharma 19 Articles
Hello to my readers. I am Ayurveda Doctor Practicing in Mumbai. Thanks

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*