मूली खाने के फायदे Mooli Khane Ke Fayde In Hindi

मूली खाने के फायदे Mooli Khane Ke Fayde In Hindi Language

मूली खाने के फायदे (Mooli Khane Ke Fayde In Hindi Language)

मूली जमीन के अन्दर पैदा होने वाली सब्ज़ी है । यह पूरी दुनियाँ में उगाई व खाई जाने वाली सब्जी है | मूली खाने के अनेक फायदे हैं | मूली की भिन्न-भिन्न प्रजातियां व रंग हैं | मूली में कई औषधीय गुण होने के कारण इसका उपयोग कई रोगों में किया जाता है | मूली के सेवन से रोगी का पुराने से पुराना रोग ठीक हो जाता है | यहां हम बता रहें हैं कि कैसे मूली द्वारा रोगों का उपचार किया जाता है |

मन्दाग्नि, अरुचि, अफारा, पुरानी कब्ज आदि – उदर के विकारों के निराकरण के लिए भोजन के साथ मूली कच्ची या अचार, चटनी, सब्जी बनाकर सेवन करना चाहिए |

बवासीर – 1. कच्ची मूली खाने से बवासीर से खून गिरना बंद हो जाता है | 2. मूली के 100 ग्राम रस में 8 ग्राम देशी घी मिलाकर कुछ दिनों तक सुबह-सायं नित्य पीना लाभ करता है | 3. मूली काटकर, नमक लगा ओस में रात को सुरक्षित रख दें, इसे सुबह निराहार खाने व शौच के उपरान्त गुदा को मूली के पानी से धोने से बवासीर ठीक हो जाता है |

पथरी – मूली के पत्ते खाने से या मूली का रस कई मास तक नियमित पीते रहने से पथरी गलकर निकल जाती है |

मूत्रकष्ट व मूत्र-विकार – पेशाब करते समय जलन हो, रुक-रुककर आये तो मूली का रस पिलायें | यदि गुर्दे की खराबी के कारण पेशाब कम बनता हो तो मूली के सेवन से उचित मात्रा में बनने लगता है, जिससे शरीर में अनेक रोग नहीं होते हैं |

पीलिया – छोटे पत्तों सहित ताजा कच्ची मूली प्रातकाल नियमित खाने से कुछ दिनों में ही पीलिया ठीक हो जाता है |

गले की सूजन – मूली के गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करने से गले की सूजन ठीक हो जाती है |

अम्लपित्त – गर्मी या अपच के कारण खट्टी डकारें आने की स्थिति में मूली के रस में मिश्री मिलाकर पिलाना ठीक रहता है |

बिच्छू-विष – बिच्छू-दंशित स्थान पर नमक लगे मूली के टुकड़े रखने से वेदना शान्त हो जाती है |

पेट दर्द – पेट दर्द में मूली के रस में पिसी कालीमिर्च नमक पिसा मिलाकर पीना चाहिए |

दाद – मूली के बीज इसी रस में पीसकर लगाने से सभी प्रकार का दाद ठीक हो जाता है |

मासिक-धर्म की गड़बड़ी – मासिक धर्म कम हो या बिल्कुल n हो और उसके कारण दर्द की अधिकता हो तो मूली के बीजों का चूर्ण 5-5 ग्राम दिन में 3 बार लेने से ये विकार दूर हो जाते हैं |

हिचकी – मूली के पत्ते खाने से हिचकी आनी बंद हो जाती है और मूली खाने के बाद गुड़ खाने से डकार में दुर्गन्ध नहीं होती |

डायबिटीज (Diabeties) – के रोगी मूली का सेवन करें |

गला बैठना – लगभग आधी छोटी चम्मच की मात्रा में मूली के बीज लेकर उन्हें पीस लें, यह चूर्ण गर्म पानी के साथ लें |

मूली का रस पीने से मधुमेह आँतों के रोगों में लाभ होता है | मूली के रस में इतना ही पानी मिलाकर आवश्यकतानुसार नमक डाल लें, इसे पीने से गले के घावों में लाभ होता है |

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*