मोतियाबिंद के लक्षण इलाज और जरूरी सावधानियां Motiyabind Ka Ilaj Treatment Without Operation In Hindi

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Motiyabind Ka Ilaj, Lakshan, Treatment Without Operation In Hindi – मोतियाबिंद को इंग्लिश में Cataract कहते हैं और अधिक उम्र के लोगों की आँखों में पाया जाने वाला आम रोग है | इस के कारण आँखों की रोशनी कम हो जाती है और यह एक आंख या दोनों आँखों में हो सकता है | शुरुवात में इस रोग में धुंधला सा दिखायी देता है और इलाज नहीं होने पर आँखों की रोशनी पूरी तरह से चली जाती है |

आज समय के साथ मोतियाबिंद की सर्जरी की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य अंधेपन से बचाव के अलावा अच्छी द्रष्टि हासिल करना भी है | आपरेशन की सफलता की संभावना कच्चे मोतिया में ज्यादा होती है | इसीलिये कहतें हैं की मोतियाबिंद जितना कच्चा उतना अच्छा | अत: यह बहुत महत्वपूर्ण है की हम मोतियाबिंद के शुरुवाती लक्षणों के बारे में जानें |

मोतियाबिंद के लक्षण और जरूरी सावधानियां Motiyabind Symptoms (Lakshan) in hindi

मोतियाबिंद के शुरुवाती लक्षणों (motiyabind ke lakshan in hindi) के सामने आने पर हम मंद होती हुई निगाह के कारण उत्पन्न हुई पीड़ा की अवधि और उसकी तीब्रता दोनों को कम कर सकतें हैं | ये जानकारियाँ आपको मदद करेगीं –

1.  जब हम रोशनी से अँधेरे में जातें हैं तो उस वक्त दिखने के अभ्यस्त होने में धीरे – धीरे अधिक समय लगाने लगता है | इसे Delayed Dark Adaptation कहतें हैं |

2. जब किसी जीज के एक से ज्यादा image दिखने लगे तो सावधान हो जाएँ | जैसे यदि आप दूर किसी बस को देखें और आपको एक से अधिक बस दिखाई देने लगें तो आप समझ लीजिये की मोतिया आपकी आँख में बन चुका है | और ऐसी स्थिति को Polyopia कहते है |

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3. अत्यधिक चकाचौंध लगना, सामने आती हुई गाडी की रोशनी अगर आपको जरूरत से ज्यादा परेशान करने लगे, तो इसे मोतियाबिंद होने का लक्षण मानना चाहिए | ऐसी स्थिति को Glare Sensitivity कहतें |

4. यदि आपके चश्मे का नम्बर जल्दी – जल्दी बदलने लगे, तो मोतियाबिंद की जांच तुरन्त कराएँ |

5. धुंधला दिखने का लक्षण काफी बाद में प्रकट होता है | धीरे – धीरे दूर और पास के वस्तुए या कोई व्यक्ति धुंधले दिखायी देने लगतें हैं | अकसर धुंधलेपन का बदलाव इतना धीमा होता है की हम ठीक से जान ही नहीं पाते की दिखने में परेशानी होने लगी है |

यदि आपको ऊपर दिये लक्षण दिखायी देने लगें तो सावधान हो जाईये और समय रहते ही किसी योग्य नेत्रचिकित्षक से मिले | समय रहते मोतियाबिंद का इलाज बहुत से कष्ट से निजात दिला सकता है | काला मोतियाबिंद भी होता है.

मोतियाबिंद क्यों होता है / क्या कारण हैं 

  1. कभी – कभी किसी कारण से आंख में चोट लग जाती और हम यह समझते हैं कि कोई बात नहीं है और डॉक्टर से सम्पर्क नहीं करते है | यही चोट कभी – कभी मोतोयाबिंद का कारण बन सकती है |
  2. शराब पीना, धूम्रपान करना या अन्य नशीली चीजों का सेवन करना भी इसका कारण होता है |
  3. कुछ बच्चो में सही विकास नहीं होने के कारण जन्मजात मोतोयाबिंद भी होता है |
  4. उम्र बढ़ने के साथ आँखों के लेंस कमजोर हो जाते है और मोतियाबिंद हो जाता है |
  5. कुछ रोगियों में मधुमेह के कारण भी यह रोग हो जाता है और कभी – कभी रेडिएशन की वजह से भे ऐसा होता है |

मोतियाबिंद का इलाज Motiyabind Ka Ilaj In Hindi

  1. यदि शुरुवात में मोतियाबिंद का पता चल जाता है तो इसका इलाज नेत्र विशेषज्ञ दवा डालकर कर देते है | इसके लिए एक ड्राप का इस्तेमाल किया जाता है जिससे आँखों के लेंस के छमता बढ़ जाती है |
  2. इस दवा के साथ – साथ डॉक्टर आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए चश्में में बाइफोकल लेंस लगाने की सलाह देते हैं |
  3. लेकिन यदि मितियाबिंद पुराना हो गया है तो इसका इलाज ऑपरेशन के द्वारा किया जाता है | यदि आप इससे पीड़ित हैं तो आप किसी योग्य नेत्र चिकित्सक से परामर्श लें |

मोतियाबिंद के ऑपरेशन की कितने रुपये में होता है Motiyabind / Cataract Operation Cost In India /Delhi – Rs 50,000/-

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