अम्लपित्त के लिए घरेलू नुस्खे Acidity Ka Gharelu Upchar Hindi Me

acidity me kya nahi khana chahiye

अम्लपित्त के लिए घरेलू नुस्खे Acidity Ka Gharelu Upchar Hindi Me

आयुर्वेद में एसिडिटी कोअम्लपित्त के नाम से वर्णित की गई है । यह रोग, रोगी के आहार या भोजन की अनियमितता एवं मानसिक तनाव के रहने के कारण होने वाला रोग है । अम्लपित्त एक सामान्य विकार है जिसमें रोगी को भोजन के पश्चात खट्टी डकारें तथा कभी-कभी उलटी भी हो जाती है |

एसिडिटी होने का कारण Acidity Hone Ka Karan

अम्लपित्त का प्रमुख कारण तले हुए मिर्च-मसाले वाले गरिष्ठ भोजन का सेवन करना है | ऐसे भोजन की पाचन क्रिया पूर्ण होने में न केवल समय अधिक लगता है बल्कि भोजन आंतों में पड़ा रहकर अम्ल में परिवर्तित होकर विकार उत्पन्न करता है |

एसिडिटी के लक्षण Acidity Ke Lakshan

भोजन के पश्चात खट्टी डकारें तथा खट्टा पानी मुंह में आना अम्लपित्त के प्रमुख लक्षण हैं | रोगी को तीव्रावस्था में उलटी व दस्त भी लग सकते हैं |

एसिडिटी का घरेलू उपचार Acidity Ka Gharelu Upchar Hindi Me

जाने एसिडिटी में क्या क्या नहीं खाना चाहिए और क्या नहीं Acidity Me Kya Nahi Khana Chahiye Aur Kya Khaye

1. लौंग को तवे पर भूनकर चूर्ण बनाएं और शहद में मिलाकर पेस्ट-सा बना लें | इसे अल्प मात्रा में चाटने से राहत मिलती है |

2. कॉफी, चाय, मदिरा, मांस, तम्बाकू, चॉकलेट, पेस्ट्री, मिठाई तथा मिर्च-मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन कुछ दिनों के लिए बंद कर दें | यदि इनके खाने से अम्लपित की समस्या हर बार होती हो तो अच्छा यही होगा कि इनका सेवन बहुत कम मात्रा में किया जाए |

3. यदि अम्लपित की तीव्रता हो तो अगले 24 घंटों तक ठोस खाद्य पदार्थों का सेवन न करें |

4. एनजाइमयुक्त तरल पेय पदार्थ पाचन-क्रिया को बल देते हैं | इससे उल्टियां भी रुक जाती हैं |

5. भोजन के बाद लौंग चूसने से पाचन-क्रिया ठीक होती है |

6. हरड़, बहेड़ा तथा आंवला (त्रिफला) अम्लपित्त में अत्यंत गुणकारी है | छोटी काली हरड़ भूनकर चूर्ण बना लें तथा गुड़ मिलाकर भोजन के बाद सेवन करें | बहेड़ा का गूदा काटकर उबालें तथा काढ़ा बना लें | यह काढ़ा खट्टी डकारों तथा दस्त आने पर लाभकारी है | आंवले का प्रयोग मुरब्बे आदि के रूप में करते रहें |

7. लहसुन की एक या दो तुरियां छीलें और बीजरहित मुनक्का में लपेटकर खाएं |

8. अंगूर तथा सौंफ का सेवन भी अम्लपित्त में बहुत लाभकारी है |

9. अम्लपित्त के रोगियों को पुराने चावल की खीर प्रतिदिन खानी चाहिए |

10. अम्लपित्त में अनार और मौसमी का रस भी बहुत लाभदायक है |

11. संतरे के रस में भुना हुआ जीरा व सेंधा नमक मिलाकर पीने से अम्लपित्त शीघ्र नष्ट होता है |

12. सफेद जीरे में समान मात्रा में धनिया पीसकर मिश्री या चीनी मिलाकर खाने से शीघ्र लाभ होता है |

13. 50 ग्राम मुनक्का और 25 ग्राम सौंफ को रातभर पानी में डालकर रख दें | सुबह उन्हें इसी पानी में मसलकर उसमें मिश्री मिलाकर पीने से अम्लपित्त शीघ्र शांत होता है |

14. रात्रि में थोड़ा चूना पानी में डालकर रख दें | प्रातः उस पानी का ऊपरी हिस्सा लेकर, छानकर पीने से अम्लपित्त ठीक होता है |

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