निमोनिया रोग का घरेलू आयुर्वेदिक उपचार Nimoniya Ka Upchar in Hindi

Pneumonia ka gharelu desi ilaj hindi me

निमोनिया रोग का घरेलू आयुर्वेदिक उपचार Nimoniya Ka Upchar in Hindi

शीत ऋतु में घर के घर से बाहर शीतल वातावरण में खेलते हुए बच्चे शीतल वायु के प्रकोप से न्यूमोनिया के शिकार हो जाते हैं. शीतल जल से देर तक स्नान करने, नदी, तालाब में देर तक स्नान करने व तैरने और बारिश में भीग जाने से भी न्यूमोनिया रोग की उत्पत्ति होती है. कुछ बच्चे शीतल खाद्य पदार्थ आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक का सेवन करने से न्यूमोनिया के शिकार होते हैं. भींगे वस्त्रों में घूमने व बारिश में देर तक भीगने से भी न्यूमोनिया की उत्पत्ति होती है.

निमोनिया रोग का कारण Pneumonia ka Karan

निमोनिया रोग, फेफड़े में ‘बैक्टीरिया’ का संक्रमण फैलने के कारण होता है। इस रोग में श्वास नली में संक्रमण हो जाता है और इसके साथ – साथ उसमें सूजन भी आ जाती है। जिसके कारण फेफड़ा अधिक मात्रा में तरल पैदा कर सकता है जो श्वास नली में आकर इकट्ठा हो जाता है।

एलोपैथी चिकित्सकों के अनुसार न्यूमोनिया की उत्पत्ति ‘न्यूमोकोकस’ सूक्ष्म जीवाणु के संक्रमण से होती है. शीतल खाद्य पदार्थ व पेयों के साथ जीवाणु शरीर में पहुंचकर फेफड़ों पर संक्रमण करके न्यूमोनिया की उत्पत्ति करते हैं. न्यूमोनिया रोग में श्वास लेने में पसलियों में तीव्र शूल होता है.

निमोनिया रोग का घरेलू आयुर्वेदिक उपचार Nimoniya Ka Upchar in Hindi

  • तुलसी के ताजे व कोमल पत्तों को पीसकर 10 ग्राम रस निकालें. उस रस में तीन-चार काली मिर्च के दाने पीसकर मिलाकर रोगी को पिलाने से न्यूमोनिया का प्रकोप शांत होता है.
  • लहसुन की कलियों को कूट-पीसकर किसी साफ कपड़े में बांधकर, निचोड़कर रस निकालें. 5-5 ग्राम रस हल्के गर्म जल में मिलाकर दिन में दो तीन बार सेवन करने से न्यूमोनिया में बहुत लाभ होता है.
  • लहसुन की कलियों को सरसों के तेल में आग पर देर तक पकाएं. जब कलियां जल जाएं तो उस तेल को आग से उतारकर, छानकर छाती पर मलने से पीड़ा नष्ट होती है. खांसी का प्रकोप भी कम होता है.
  • पसलियों में तीव्र शूल होने पर किसी कपड़े में बालू ( रेत ) बांधकर, पोटली बनाकर उस पोटली को गर्म तवे पर हल्का सा गर्म करके पसलियों पर सेकने से शूल नष्ट होता है.
  • बारहसिंगे के सींग के टुकड़े को जल के साथ सिल पर घिसकर किसी चम्मच में भरकर हल्का सा गर्म करके पसलियों पर लेप करने से शूल नष्ट होता है.
  • एरंड या तंबाकू के पत्तों पर एरंड का तेल लगाकर, हल्का सा गरम करके पसलियों पर बांधने से पसलियों का चलना बंद हो जाता है. शूल का निवारण होता है.
  • सरसों के तेल में थोड़ी सी अफीम मिलाकर पसलियों पर लेप करने से 5-10 मिनट में पसलियों का शूल नष्ट होता है.
  • न्यूमोनिया में कई बार जोर जोर से खांसने पर भी कफ नहीं निकल पाता है तो रोगी को बहुत कष्ट होता है. ऐसे में मुनक्का, लिसौड़ा और सौंफ तीनो चीजें 5-5 ग्राम मात्रा में लेकर खरल में पीसकर मधु मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करने से न्यूमोनिया में बहुत लाभ होता है.
  • पुष्कर मूल चार रत्ती में इलायची के 1 ग्राम दाने और बांस से निकला वंशलोचन 5 ग्राम मात्रा में लेकर किसी खरल में घोटकर 3-3 ग्राम मात्रा में मधु मिलाकर दिन में कई बार सेवन करने से न्यूमोनिया रोग में बहुत लाभ होता है.
  • काली मिर्च के 4-5 दानों को मुनक्का के 10 ग्राम दानों के साथ जल में उबालकर क्वाथ बनाएं. इस क्वाथ को छानकर बच्चे को पिलाने से छाती में रुका कफ सरलता से निकल जाता है. रोगी बच्चे की सांस लेने में पीड़ा नष्ट होती है.
  • आयुर्वेदिक गुणकारी अभ्रक भस्म वासा के रस और मधु मिलाकर सेवन करने से न्यूमोनिया में श्वास लेने की पीड़ा नष्ट होती है.

निमोनिया रोग के अन्य घरेलु इलाज  Pneumonia ka ilaj hindi me

एक तोला बारहसिंधा की सिंग लेकर उसके ऊपर एक तोला कलमी शोड़ा और एक तोला अजवाइन के रस में पीसकर लेप करें और उस लेप की हुई सींग को दो सेर कोयले की आग में रख दें |

जब आग बुझ जाय तो निकालकर बारीक पिस लें और इसे चार रत्ती तीन तोले अजवाइन के साथ खिलावें इससे पुराना से पुराना निमोनिया जाता रहेगा |

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