माताएं प्रसव के बाद कैसे रहें फिट Pregnancy Ke Baad Care In Hindi

how to take care of mother after delivery of baby

प्रसव के बाद नई माताओं को केवल अपने बच्चे का ही नहीं बल्कि खुद की सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि वो संतुलित आहार लेने के साथ व्यायाम भी करें।

माँ बनना इस दुनिया का सबसे सुखद एहसास है, जिसे हर औरत अपने जीवन में महसूस करना चाहती है। मातृत्व का सुख भोगने के साथ ही जरूरी है कि मां अपने बच्चे के साथ खुद की भी सेहत का खास ध्यान रखें। इस बारे में मुंबई की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ | योगिता कुबार का कहना है कि जब एक महिला गर्भधारण करती है तो उसके शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। ऐसे में उनके शरीर को दोगुने पोषण की आवश्यकता होती है। केवल गर्भाधारण के दौरान ही नहीं बल्कि प्रसव के बाद भी। कम से कम साल भर तो स्वस्थ रहने के लिए मां को संतुलित आहार जरूर लेना चाहिए। इससे केवल आपको ही नहीं बल्कि आपके बच्चे को भी दूध के माध्यम से पोषक तत्व मिलेंगे। बच्चे के अच्छे विकास में मां के दूध की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। स्वस्थ संतुलित आहार शरीर को मजबूत बनाता है तथा रोगों से लड़ने के लिए उसकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

प्रसव के बाद का आहार Delivery Ke Baad Kya Khana Chahiye – Food After Delivery of Baby

इस बारे में होम्योक्लीनिक की डॉ | करुणा मल्होत्रा का कहना है कि प्रसव के बाद मां को ऐसा आहार लेना चाहिए जो उसके और उसके बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद हो। अपना आहार चुनने से पहले यह सुनिश्चित कर लें ताकि उसमें फैट व शुगर की मात्रा अधिक न हो। जिस आहार में जरूरी पोषक तत्व हों, उन्हें ही अपने डाइट चार्ट में शामिल करें। जंक फूड व वसा युक्त आहारों को दूर से ही सलाम कर दें। ताजे फल, हरी सब्जियां व लो फैट डेयरी उत्पादों का ही प्रयोग करें। पास्ता, ब्रेड फलियां, अंडे नट्स व ड्राई फूट्स का भी सेवन कर सकती हैं। अगर आप मांसाहारी हैं तो मछली और चिकन खा सकती हैं। लाल मीट में प्रोटीन की अधिक मात्रा पाई जाती है। अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है, लेकिन अंडे के पीले हिस्से में वसा और कोलेस्ट्रोल बहुत अधिक पाया जाता है, जो सेहत के लिहाज से अच्छा नहीं होता है। मछली में ओमेगा-3 काफी मात्रा में मिलता है।

1. दलिया को नास्ते में जरूर शामिल करें

दलिया से बने सभी भोज्य पदार्थों में उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो शरीर को मजबूत बनाता है। इसे लैग्नोटिक फूड भी माना जाता है, जो मां की पाचन क्रिया को मजबूत बनाए रखता है। इसमें खूब सारा आयरन भी होता है जो शरीर में अधिक दूध का निर्माण करता है।

2. ब्राउन राइस के बड़े है फायदे

चावल को लेकर यही धारणा है कि यह ठंडा होता है इसलिए दूध पिलाने वाली मां को चावल कम खाने चाहिए। लेकिन ब्राउन राइस इसके विपरीत होता है, यह कई गुणों से भरपूर और पोषक होता है। यह पाचन क्रिया को दुरुस्त बनाता है और इससे आपके बच्चे को किसी तरह का नुकसान भी नहीं पहुंचता।

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3. ब्लूबेरी से स्किन रहे दुरुस्त

नई माताओं को अपनी डाइट में ब्लूबेरी को शामिल करना चाहिए। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है जो शरीर को झुर्रियों से बचाता है और त्वचा को कसाव प्रदान करता है। इसके जूस का सेवन महिलाओं को तनाव से मुक्त भी करता है।

4. पालक जरूर खायें

आयरन से भरपूर पालक, शरीर को मजबूती प्रदान करता है। प्रतिदिन इसका प्रयोग अलग-अलग तरीकों से किया जाए तो स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहता है। इसका सूप बनाकर पिएं। इसमें फॉलिक एसिड होता है जो बच्चे के मुंह में छाले नहीं होने देता। इसके सेवन से शरीर में नई कोशिकाएं बनती है और खून की कमी भी दूर होती है। इसमें मैग्नीशियम भी होता है जो शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाता है। ये कुछ ऐसे पोषक तत्व है जिन्हें शामिल करने से आपका आहार संतुलित बनेगा। संतुलित आहार का सेवन कर आप स्वयं और बच्चे को स्वस्थ्य रख सकती हैं।

प्रसव के बाद व्यायाम Delivery Ke Baad Pet Kam Karne Ke Upay

हर महिला चाहती है कि गर्भावस्था के बाद दोबारा उसके शरीर की बनावट पहले की तरह हो जाए। लेकिन इसके लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है। आइए कुछ ऐसे ही व्यायाम के बारे में जानें, जिनसे आप पहले की तरह फिट हो सकती हैं। किसी भी प्रकार के व्यायाम करने से पहले यह बात ध्यान में रखें कि आपको शुरूआत टहलने जैसे हल्के-फुल्के व्यायाम से करनी है। दो से ढाई महीने के बाद आप पेट दबाने वाले व्यायाम करें। वो भी किसी डॉक्टर के परामर्श से ही करें। हेल्थ केयर स्पेशलिस्ट और योग गुरु अंबिका महंती के अनुसार, ‘स्ट्रैचिंग की कई एक्सरसाइज स्तनपान के दौरान अच्छी रहती हैं। इनमें हाथों की एक एक्सरसाइज है जिसमे कंधे और छातियों की स्ट्रैचिंग भी होती है।

आइये कुछ एक्सरसाइज जानते और सीखते हैं –

✔ सबसे पहले दोनों हाथ कोहनी से मोड़ते हुए सिर तक ले जाएं। मुट्टियां बंद करें और फिर बाएं हाथ को बाएं कंधे तक और दाएं हाथ को दाएं कंधे तक ले जाएं। दोनों हाथों को साथसाथ ही मूव करें। ऐसा कम से कम 10 बार करें। इसके बाद हाथों को सीधा करके कमर से लगाएं और कंधों को गोलाकार घुमाएं। ऐसा भी कम से कम 10 बार करें। इससे छाती और स्तन पुष्ट होगे।

✔ पीठ के बल लेट जाएं और गहरी सांस लें। सांस इतनी गहरी हो कि पेट की मांसपेशियों पर बल पड़े। उसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़े।

✔ पीठ के बल लेट जाएं और पैरों को थोड़ा सा खोल कर रखें। धीरे-धीरे हाथों को ऊपर उठाएं लेकिन कोहनी मुड़नी नहीं चाहिए। पैर भी जमीन पर टिकाए रखें। फिर दोनों हाथों को वापस जमीन पर ले आएं। इस एक्सरसाइज को कई बार दोहराएं। इससे आपकी मांसपेशी खिचेंगी और मजबूत भी होगी।

✔ पीठ के बल लेट जाएं दोनों हाथों को साइड में रहने दें। धीरे-धीरे पैरों को उठाएं लेकिन पंजे और एड़ी को जमीन पर ही टिकाए रखें, कमर के हिस्से को भी उठाएं, लेकिन हाथ और पैर नहीं उठने चाहिए

✔ पीठ के बल लेट जाएं। हाथों को पेट पर रखें और पंजों, एड़ियों को जमीन पर टिका दें फिर पेट पर बल देते हुए सर और घुटनों को ऊपर करें लेकिन पंजे और एड़ी जमीन पर ही रहेंगे।

✔ ‘पीठ के बल लेटकर दायें पैर को सीधा रहने दे और बाएँ पैर को उठाएं लेकिन ध्यान रखें आपके पंजे और एड़ी जमीन पर ही रहेंगे। हाथ को सीधा करते हुए घुटने तक ले जाएं लेकिन उसे टच न करें। साथ ही बाएं ओर ही सर को ऊपर उठाएं और लेटे रहें। इसी एक्सरसाइज को अब दाएं पैर से करें।

✔ पीठ के बल सीधे लेट जाएं। हाथों को साइड में रहने दें और एक पैर को ऊपर उठाएं लेकिन पंजे-एड़ी जमीन पर रहने दें। पेट पर बल देते हुए पैरों को जितना ऊपर हो सकें उठाएं।

✔ पीठ के बल सीधे लेटते हुए दोनों हाथों को सीधा रखें और एक पैर को बिना घुटना मोड़े हवा में उठाएं और बिना सिर उठाए उसे जितना उठा सकते हैं उठाएं। यही एक्सरसाइज दूसरे पैर से भी करें।

✔ सीधे लेट जाएं और कोहनियों को तकिए के ऊपर रखें, साथ ही नितम्ब ऊपर उठाकर पेट पर बल देते हुए गहरी-गहरी सांसें लें।

✔ पीठ के बल सीधे लेटते हुए दोनों हाथों को सीधा रखें और दोनों पैरों को बिना घुटना मोड़े हवा में उठाएं और बिना सिर उठाए उसे जितना उठा सकते हैं उठाएं।

✔ पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को सिर के नीचे रखें साथ ही पैरों को भी जमीन पर टिकाएं। पीठ के बल सीधे लेटे हुए पेट पर बल देते हुए पैरों करे जितना ऊपर उठा सकते हैं उठाएं।

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कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें

स्तनपान करानेवाली महिलाओं को अपना ध्यान रखना चाहिए। स्तनपान की तैयारी तो तभी से करनी चाहिए जब बच्चे का जन्म न हुआ हो। गर्भावस्था के अंतिम छह हफ्ते पहले से स्तनों की मालिश करनी चाहिए। अगर निपल उठे हुए हो तो ब्रेस्ट शेल्स पहनने चाहिए। ये केमिस्ट की दुकानों में मिल जाते हैं।

अपने शरीर को साफ रखना चाहिए। जिस शरीर से शिशु को अमृत धारा मिलती हो, उसके स्वस्थ रहने के साथ-साथ स्वच्छ रखना भी जरूरी है। इसलिए रोजाना नहाना चाहिए। चाहे सर्दी हो अथवा गर्मी। स्तनपान के बाद स्तनों को पानी से साफ करना चाहिए ताकि बच्चे की लार न लगी रहे। फिर निप्पल पर अपने स्तन से निकलने वाला दूध या फिर निप्पल क्रीम लगानी चाहिए और फिर उसे सूखने देना चाहिए। निप्पल पर साबुन या लोशन नहीं लगाना चाहिए क्योंकि इससे उनमें सूखापन और क्रैक आ सकता है।

बच्चे को दूध पिलानेवाली महिलाओं को सूती कपड़े से बनी ब्रा पहननी चाहिए। वह भी बहुत अधिक कसी हुई नहीं और बहुत ढीली भी नहीं। सूती कपड़े से बनी ब्रा में नमी नहीं रहती और त्वचा पर किसी प्रकार की एलर्जी नहीं होती। स्तनपान करानेवाली महिलाओं के नाइट गाउन और नर्सिग पैड भी सूती होने चाहिए। नर्सिग पैड्स समय-समय पर बदलने चाहिए क्योंकि गीले नर्सिग पैड संक्रामक हो सकते हैं।

स्तनपान के दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याएं आती हैं। जैसे स्तन में कड़पन या दर्द या निप्पल में क्रैक्स या उनसे खून आना। कई बार स्तन में लाल चकते आ जाते हैं। महिलाओं को फ्लू जैसे लक्षण होते हैं। अगर ऐसी समस्याएं बार-बार आएं तो अपने चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। अगर बुखार 100 डिग्री से ज्यादा रहता है तो डॉक्टरी सलाह बहुत जरूरी है।

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