स्पाइनल ट्यूमर का बेहतर इलाज

Spinal Tumor Treatment In Hindi

स्पाइन के ट्यूमर कई प्रकार के होते हैं और उनके इलाज भी अलग-अलग होते हैं कई प्रकार के ट्यूमरों के ठीक होने की संभावना आज, कुछ वर्ष पूर्व की तुलना में कहीं अधिक है | ट्यूमर नियोप्लाज्म नामक नए टिश्यूज की अस्वाभाविक  वृद्धि के कारण उत्पन्न होते हैं |

सामान्यतः नियोप्लाज्म दो तरह के होते हैं | पहला, बिनाइन (जो कैंसरग्रस्त नही होते) दूसरा, मैलिग्नेंट (जो कैंसरग्रस्त होता है) किसी अन्य अंग से फैलने वाला कैंसर मेटास्टेसिस ट्यूमर हो सकता है |

स्पाइनल ट्यूमर के लक्षण

1. प्रारंभिक लक्षणों में पीठ और टांगों में दर्द हो सकता है |

2. कुछ स्पाइनल ट्यूमर के कारण टांगों या बाहों में कमजोरी महसूस हो सकती है |

3. सुन्न पड़ना, सियाटिका और आंशिक रूप से लकवा भी लग सकता है |

4. मल-मूत्र पर नियंत्रण कम हो सकता है या पूरी तरह खत्म हो सकता है ट्यूमर के गंभीर होने से पहले ही यदि ऑपरेशन के जरिए इसे निकाल दिया जाए तो, अनेक समस्याओं से बचा जा सकता है |

स्पाइनल ट्यूमर की जांच

स्पाइनल ट्यूमर की जांच एम.आर.आई., सीटी स्कैन, बोन स्कैन आदि | इसके अलावा बायोप्सी जांच की जाती है | ट्यूमर की कोशिकाएं कैंसर युक्त है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए सी.टी. गाइडेड रोबोट असिस्टेड बायोप्सी या एफएनएसी परीक्षण के जरिए ट्यूमर के स्वरुप की जांच की जाती है | इसके अलावा पेट स्कैन (पीईटी-पाजीट्रान इमीशन टेमोग्राफी) नामक जांच की जाती है | पेट स्कैन से कैंसर की विभिन्न अवस्थाओं का पता लगाया जा सकता है |

उपचार के विकल्प

इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि ट्यूमर का प्रकार (विनाइन या मैलिग्नेंट है या नहीं) ट्यूमर की स्थिति, मरीज का सामान्य स्वास्थ्य आदि बातों को जाना जाता है | स्पाइन सर्जरी, किमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी और दर्द नियंत्रण के जरिये इसकी चिकित्सा की जाती है | इलाज का प्रकार मरीज के लक्षणों और विभिन्न जांचों के नतीजों पर निर्भर करता है |

सर्जरी

यदि स्पाइन का ट्यूमर तंत्रिका पर दबाव न डाल रहा हो, तो इस स्थिति में पर्क्यूटेनियस स्तैबिलाइजेशन तकनीक से सर्जरी के बाद कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के जरिए इलाज किया जा सकता है | यदि ट्यूमर तंत्रिका पर दबाव डाल रहा हो, तो इस स्थिति में सबसे पहले दबाव हटाने के लिए सर्जरी के जरिए ट्यूमर को निकाला जाता है | इसके बाद कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी दी जाती है |

कीमोथेरेपी

कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि में बाधा डालकर उन्हें नष्ट करने वाली दवाओं के प्रयोग से कैंसर का इलाज और नियंत्रण किया जाता है | कीमोथैरेपी की ऐसी कई दवाएं हैं, जिन्हें अन्य उपचारों के साथ भी समन्वित किया जा सकता है धर्म की खेती दर्द की थेरेपी इसे पहले की उपचार भी कहते हैं इसका लक्ष्य दिल से राहत दिलाना होता है |

दर्द की थेरेपी

इसे पैलिएटिव उपचार भी कहते हैं | इसका लक्ष्य है, दर्द से राहत दिलाना |

रेडिएशन थेरेपी

आज रेडियोथेरेपी की सबसे सुरक्षित तकनीकी लीनियर एक्सीलरेटर  उपलब्ध है, जो स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाएं बिना ही ट्यूमर की कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती है | इसी तरह त्रि-आयामी (3डी) इमेज गाइडेड रेडिएशन थेरेपी के जरिए कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करके, ट्यूमर को छोटा करके या उसका बढ़ना रोककर, बीमारी पर काबू पाने में मदद मिलती है |

3 Comments

  1. sir pl. batayn ki aap sy bat or marij ko kysy milva sakty hai. kuyun ki spinal tumar hai uska elaj cahiy pl. pl. sir contect me no. 098166-62978

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