मां का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम है Stanpan Karane Ke Fayde Hindi Me

Mother Feeding Baby - Stanpaan Ke Fayde

मां का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम है Stanpan Karane Ke Fayde Hindi Me – Maa Ka Doodh Bachche Ke Liye Sarvottam Hai

मां का दूध आपके शिशु को सर्वोत्तम पोषण व बीमारियों से संरक्षण प्रदान करता है | अधिकतर शिशुओं के लिए पहले 6 महीने तक मां का दूध ही काफी होता है | बहुत सी माताएं 6 महीने बाद भी स्तनपान कराती हैं और अन्य आहार देना भी शुरू कर देती हैं | स्तनपान के बारे में सलाह के लिए अपने डॉक्टर या किसी अन्य स्वास्थ्यकर्मी अथवा स्तनपान करा रही किसी सहेली या संबंधी से बात करें | शिशु को बार-बार स्तनपान कराने से सही मात्रा में दूध उतरता है | गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद संतुलित पौष्टिक खुराक भी दूध की मात्रा पूरी रखने में मदद करती हैं |

याद रखें : मां का दूध आपकी शिशु के लिए सर्वोत्तम व सर्वाधिक किफायती आहार है

बच्चे को कोई और आहार देने से पहले सलाह ले

ऐसे आहार का उपयोग खतरनाक हो सकता है, जो छोटे बच्चे के लिए नहीं बना है | शिशु को बेवजह आंशिक रूप से बोतल से दूध पिलाने या अन्य आहार व पेय पदार्थ देने से स्तनपान पर प्रतिकूल असर पड़ता है | अतः स्तनपान के अलावा कोई और आहार शुरू करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह लें |

मां के दूध के विकल्प का उपयोग

अगर कोई डॉक्टर या अन्य स्वास्थ्यकर्मी शिशु को पहले 6 महीने के दौरान मां के दूध के साथ या उसके स्थान पर शिशु दूध विकल्प आहार देने की सिफारिश करता है तो शिशु फॉर्मूला आहार के इस्तेमाल का फैसला करने से पहले उसकी लागत और परिवार की स्थिति पर विचार जरूर कर लें | अगर शिशु को सिर्फ बोतल से आहार देना है तो आपको हर सप्ताह एक डिब्बे यानी लगभग 400 ग्राम से अधिक आहार की जरूरत होगी |

बिना उबला पानी, बिना उबाली बोतल या गलत मात्रा में घोल बनाकर इस्तेमाल करने से आपका शिशु बीमार पड़ सकता है | गलत शिशु दूध विकल्प और बोतल का इस्तेमाल बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं | इसलिए कोई अन्य आहार देने से पहले पैकेट में दिए निर्देशों का सही पालन करें | कुछ समय तक शिशु दूध विकल्प के बाद वापस स्तनपान कराने में आने वाली कठिनाइयों की जानकारी आपको होनी चाहिए |

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मां के दूध की विशेषताएं

✔ प्रसव के तुरंत बाद मां का पहला दूध पीला और गाढ़ा होता है | इस दूध को कोलस्ट्राम कहते हैं जोकि प्रसव के बाद पहले हफ्ते में निकलता है | कोलस्ट्राम बाद के दूध से अधिक पौष्टिक होता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन ज्यादा होता है और संक्रमण से बचाव के गुण भी अधिक होती हैं, जो जन्म के तुरंत बाद की खतरनाक बीमारियों से शिशु को बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है | इसमें विटामिन ‘A’ का स्तर भी ऊंचा होता है |

✔ आप अपने शिशु को यह कोलस्ट्राम अवश्य पिलाएं, क्योंकि इसमें बहुत से पोषक तत्व होते हैं |

✔ इसके बजाय चीनी का पानी, शहद का पानी, मक्खन या कोई और मिश्रण ना दें |

✔ मां का दूध संपूर्ण संतुलित आहार है और जन्म के पहले कुछ महीनों में शिशु के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व प्रदान करता है | इसके संक्रमण रोधक गुण प्रारंभिक महीनों में शिशु को बीमारियों से बचाते हैं | यह हमेशा उपलब्ध होता है और इसे तैयार करने के लिए न कोई धन चाहिए, न बर्तन, न पानी जिसमें कीटाणु हो सकते हैं |

मां द्वारा स्तनपान कराने के फायदे Bachche Ko Stanpaan Karane Ke Fayde

✔ शिशु को मां का दूध पिलाना शिशु दूध विकल्पों से कहीं सस्ता पड़ता है, क्योंकि शिशु दूध विकल्पों की लागत की तुलना में मां को अतिरिक्त आहार देने की लागत ना के बराबर होती है |

✔ वह माताएं जो सिर्फ जन्म के पश्चात शिशु को सामान्य रूप से स्तनपान कराती रहती हैं, उनमें लंबे समय तक दोबारा गर्भधारण से बचे रहने की संभावना स्तनपान न कराने वाली माताओं की तुलना में अधिक रहती है |

✔ प्रसव के तुरंत बाद स्तनपान कराने से गर्भाशय अपने आप संकुचित होने लगता है और मां के शरीर का आकार जल्दी सामान्य होने में मदद मिलती है |

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स्तनपान की व्यवस्था करें 

✔ स्तनपान को बढ़ावा और सहारा देने के लिए मां की स्तनपान कराने की कुदरती इच्छा को जब भी व्यवहारिक सलाह की जरूरत हो, उसे प्रोत्साहित करना चाहिए और उसे रिश्तेदारों के सहारे का भरोसा दिलाना चाहिए |

✔ शिशु को बार-बार स्तनपान कराना स्तनपान की सफलता का प्रतीक है और स्तनपान कराने की इच्छुक मां को स्तनपान कराने की अपनी क्षमता का विश्वास दिलाता है |

✔ प्रसव के पहले ही डॉक्टर को बता दें कि आप अपने शिशु को स्तनपान कराना चाहती हैं |

✔ प्रसव के तुरंत बाद अपने शिशु को स्तनपान कराएं |

✔ डॉक्टर कहते हैं कि प्रसव के तुरंत बाद आप और आपका शिशु एक साथ रहें (इसे रूमिंग इन कहा जाता है) |

✔ बच्चा जब चाहे उसे अपना दूध पीने दे | बच्चा रोए तो उसे स्तनपान कराएं |

✔ गर्भावस्था के दौरान अपने स्तनों को और निप्पल की सही देखभाल के लिए अपने डॉक्टर से सलाह ले | रोजाना नहाते समय स्तनों को साफ पानी से धोएं | स्तनपान कराने के बाद स्तनों को साफ कपड़े से पोंछ लें या ढकने से पहले अपने आप सूखने दे |

✔ हमेशा अपना शरीर और कपड़े तथा अपने शिशु का शरीर और कपड़े साफ सुथरे रखें |

ऊपर से आहार और दूध देने पर सावधानी

✔ बिना उबला पानी, बिना उबले बर्तन या गलत घोल आपके शिशु को बीमार कर सकते हैं |

✔ आहार का गलत तरीके से भंडारण, प्रबंधन, तैयार करना और खिलौना आपके शिशु के स्वास्थ्य पर संभवतः बुरा असर डालते हैं |

✔ एक समय पर केवल एक बार के लिए ही आहार तैयार करें, इसे तुरंत खिलाएं और निर्देशों का सही से पालन करें | बचे हुए आहार को ना रखें, बल्कि उसे फेंक दें |

✔ शिशु को हमेशा गोद में लेकर ही आहार पिलाएं बच्चे को अकेला छोड़ देने यह मुंह में बोतल लगी छोड़ देने पर उसको सांस लेने में रुकावट आ सकती है |

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