अपने पेट को कैसे स्वस्थ रखें Stomach Problems And Solution In Hindi

Ayurvedic Medicine For Stomach Pain In Hindi

सबसे पहले हम बात करते हैं कि पेट के कौन – कौन से दोस्त हैं –

  1. सुबह उठते ही खाली पेट रात में तांबे के बर्तन या मटके में रखा हुआ पानी पिए | खाने के 1 घंटे के बाद ही पानी पीना अच्छा होता है |
  2. पुराने चावल, करेला, तोरई पत्तों का साग, सेब, बेल, आंवले का मुरब्बा आदि पेट के लिए काफी फायदेमंद होते हैं |
  3. पूरे दिन में कम से कम 10 से 12 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए | लेकिन भोजन के साथ पानी नहीं लेना चाहिए | सर्दियों में गुनगुना पानी और गर्मियों में ताजा पानी या मटके का पानी पीना अच्छा होता है | फ्रिज का पानी पेट के लिए एकदम अच्छा नहीं होता है, इसलिए फ्रिज का पानी नहीं पिए तो अच्छा होगा |
  4. आपको पेट की बीमारी हो या ना हो, हर किसी को हमेशा सादा और सात्विक भोजन लेना चाहिए | हमेशा सादा और सात्विक भोजन लेना चाहिए | खाने में चपाती, हरी सब्जी, दाल, दही, फल अधिक ले |
  5. क्रीम युक्त दूध के स्थान पर टोंड मिल्क का इस्तेमाल करें तो अच्छा रहता है | चोकर युक्त मोटे आटे की रोटी, मूग, मसूर की दाल, लौकी की सब्जी, टोन मिल्क का दही दोपहर में खाने में शामिल करें |
  6. दालों या सब्जियों को सरसों के तेल में छौंके | छौक में जीरा, लहसुन, प्याज, टमाटर और चाहे तो एक हरी मिर्च का भी इस्तेमाल कर सकते हैं | गरम मसालों से स्वाद तो बढ़ जाता है लेकिन पेट के स्वास्थ्य पर इनका काफी गलत प्रभाव पड़ता है, इसलिए गरम मसालों का कम से कम सेवन करें |
  7. गेहूं दो भाग और चना एक भाग को मिलाकर बनाई गई मिस्सी रोटी, चोकर की खीर, भुने हुए चने, पालक या पालक का सूप, बथुआ, मेथी, टमाटर, गाजर, कच्चा प्याज, पुदीना, चीकू, अमरूद, आंवला, संतरा, ताजे फलों का रस, नींबू, रसेदार छिलके युक्त पदार्थ आदि पेट के लिए काफी लाभप्रद होते हैं |
  8. सुबह-सुबह नाश्ता करना बहुत ही जरूरी है | नाश्ते में दलिया, केला, दूध अथवा पका मीठा पपीता लेने से सुबह सौंच खुल कर होता है |
  9. भोजन में आग पर पके हुए पदार्थ की मात्रा में कुछ कमी करके उनके स्थान पर हरे ताजे मौसमी फल, सब्जियां, अंकुरित अनाज आदि प्राकृतिक आहार ज्यादा से ज्यादा मात्रा में लेना अच्छा होता है |
  10. भोजन करते समय हर एक कौर को खूब चबा-चबा कर खाना चाहिए | भोजन करते समय पानी एकदम ना पिएं | यदि भोजन गले में फंस जाए तो एक हल्का सा सीप लेकर उसको नीचे करें |
  11. भोजन के साथ सलाद का सेवन अधिक करें जैसे टमाटर, खीरा, ककड़ी, पपीता आदि का सलाद | प्रतिदिन समय पर ही भोजन करने की आदत डालें | ठूस – ठूस कर भोजन करने से बदहजमी हो सकती है | खाने के प्रति अरुचि हो सकती है और पाचन ठीक से न होने पर गैस, कब्ज, दस्त, पेट दर्द आदि समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं | हमेशा कोशिश करें कि भोजन भूख से कम ही करें |

पेट के अच्छे स्वास्थ्य के लिए क्या नहीं खाना चाहिए What Not To Eat To Get Away From Stomach Problems

  • मिर्च मसाले वाली चीजें, तेल, खटाई अधिक मात्रा में मिठाई, रबड़ी तथा खोए की चीजों को ना खाएं या बहुत ही कम खाएं | यदि आपको कबज रहती है तो चावल भी खाना बंद कर दे |
  • शराब मांस-मछली, अंडे, कड़ी चाय, काफी, भांग, चरस आदि का सेवन एकदम ना करें |
  • अरबी की सब्जी, गुड़, बासी भोजन, गरिष्ठ भोजन, मैदा के पदार्थ, आलू, तली हुई चीजें, नमकीन आदि न खाएं | इन से अम्ल पित्त में वृद्धि होती है | अधिक मात्रा में घी, तेल, दही पित्त बढ़ाने वाले पदार्थ, अरहर की दाल तथा साबुत उड़द आज से भी अम्ल पित्त बढ़ता है | इनसे परहेज करें |
  • अधिक मिर्च मसाले वाले बाजारु भोज्य पदार्थ – चाट, पकौड़ियां, कोकाकोला जैसे मिलावटी पाने, देर रात का खाना, खाने के तुरंत बाद फ्रिज का पानी पीना, कब्ज की समस्या को उत्पन्न करता है | इसलिए इन चीजों को खाने से जहां तक हो सके बचना चाहिए |

एक्सरसाइज का महत्व जीवन में बहुत अधिक है Physical Exercise Is Very Important

1. यदि आप बिल्कुल स्वस्थ है तब भी पेट के रोगों से बचने के लिए कम से कम रोजाना 30 मिनट तक सुबह शौच के बाद एक्सरसाइज अवश्य करें |

2. एक्सरसाइज करने से पसीने के साथ शरीर से विषैले पदार्थ निकल जाते हैं, जिससे पेट से संबंधित रोग पैदा नहीं हो पाते हैं और साथ ही पेट के सभी अंग अच्छी तरह से काम करते हैं | इससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और रक्त संचार भी संतुलित रहता है और पेट सहित शरीर के सभी भीतरी अंग एक्टिव रहते हैं |

3. सुबह की सैर में तेज-तेज चलना, रस्सी कूदना, कहीं बैठकर सांस लेना और छोड़ना, साइकिल चलाना, दौड़ना आदि एक्सरसाइज में शामिल किया जा सकता है | अगर आपको दौड़ना हो या उछलकूद करनी हो अपने हाथ-पांव को चला कर अपने शरीर को तैयार कर लें | इसका एक लाभ यह होगा कि रक्त का संचार होने के साथ-साथ शरीर में पर्याप्त लचक भी आएगी |

4. आपको जब भी समय मिले एक्सरसाइज कर सकते हैं | इसके लिए कोई निश्चित समय नहीं है, बस आपको इतना ही ध्यान रखना है कि आपका पेट उस समय खाली रहना चाहिए | खाना खाने के 3 घंटे बाद आप एक्सरसाइज कर सकते हैं | सुबह 15 मिनट और शाम को 15 मिनट की सैर और उस दौरान तेज-तेज चलना, दौड़ना-कूदना, हाथ-पांव चलाना, तेज-तेज सांस लेना और थकने पर बैठकर आराम करना, आजीवन स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त है | लेकिन ध्यान रखें सुबह-सुबह सूरज निकलने से पहले की सैर सबसे अच्छी होती है |

एक्टिव लाइफ स्टाइल अपनाएं Active Lifestyle Keeps You Healthy And Fit

1. किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों के सेवन से एकदम दूर रहे | खाना खाकर तुरंत शारीरिक या मानसिक कार्य नहीं करना चाहिए |

2. सब्जी मंडी, किराने की दुकान, बस स्टैंड आदि जगहों के लिए गाड़ी का इस्तेमाल ना करके पैदल चलने की आदत अच्छी होती है |

3. घर के काम खुद करने की कोशिश करें और यदि आप महिला है तो झाड़ू-पोछा, कपड़े धोना स्वयं करें | एक फ्लोर से दूसरे फ्लोर पर पहुंचने के लिए लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों की मदद ले |

4. आप अपने व्यक्तिगत कार्य स्वयं करने की आदत डालें | शरीर को हमेशा एक्टिव रखने और शारीरिक श्रम करने से खाया हुआ ठीक से पच जाता है |  अरुचि, अजीर्ण, कब्ज, भूख न लगना आदि शिकायतें जल्दी उत्पन्न नहीं होती हैं |

साथ ही योगिक क्रियाएं भी करें Do Yoga And Pranayam For Better Stomach Health

  • उत्तानपादासन, धनुरासन, चक्रासन तथा मत्स्यासन – ये 4 आसन पेट के लिए बहुत ही लाभप्रद हैं | नाभि अगर अपने स्थान से हट गई हो तो अपने स्थान पर आ जाती है और पेट की कोई भी तकलीफ व्यक्ति को नहीं होती है | इन चारों आसनों को एक-एक मिनट करके भी लाभ उठाया जा सकता है |
  • ताड़ासन, हस्तपदोत्तानासन, कटि चक्रासन, भुजंगासन, सुप्त पवनमुक्तासन, वज्रासन (इसे खाना खाने के बाद करे), मंडूकासन, उत्कटासन, अर्धमत्स्येंद्रासन आदि का अभ्यास करना पेट के लिए सही रहता है |
  • कम से कम 10 बार सूर्य नमस्कार करें, इससे कब्ज की शिकायत नहीं होती और कब्ज रहता भी है तो धीरे-धीरे ठीक हो जाता है |

इस तरह की लाइफ स्टाइल अपनाने पर आपका पेट स्वस्थ रहेगा और पेट संबंधित कोई भी रोग जल्दी नहीं होंगे |

Tags – Yoga For Stomach Gas Problems, Ayurvedic Medicine For Stomach Pain In Hindi

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