उदरशूल (पेट में दर्द) को ठीक करने के 26 घरेलू उपाय Udarshool Ke Gharelu Upay

udarshool ke gharelu upay (pet Dard)

उदरशूल अर्थात पेट में दर्द की विकृति अनेक कारणों से हो सकती है. अधिक शीतल खाद्य पदार्थों का सेवन करने पर वात विकार के कारण उदरशूल की उत्पत्ति होती है. गरिष्ठ खाद्य पदार्थों के सेवन से भी उदरशूल होता है. कई दिन तक शौच नहीं जाने पर उदरशूल की विकृति होती है.

उदरशूल (पेट में दर्द) को ठीक करने के 26 घरेलू उपाय

पेट दर्द की समस्या अक्सर लोगों को हो जाती है और इसका उपचार मुस्किल भी हो जाता है | लेकिन आपके लिए लेकर आए है कुछ अचूक इलाज के बारे में –

  1. संतरे के 50 ग्राम रस में थोड़ी सी भुनी हुई हींग और काला नमक पीसकर, मिलाकर सेवन करने से उदरशूल शीघ्र नष्ट होता है.
  2. उड़द की दाल, चावल, अरबी, कचालू आदि वात कारक चीजें खाने पर जब उदरशूल होने लगे तो 5 ग्राम हल्दी के चूर्ण में, 3 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर हल्के गर्म जल के साथ रोगी को सेवन कराने से उदरशूल अतिशीघ्र नष्ट होता है.
  3. नींबू के 5 ग्राम रस में काली मिर्च का 1 ग्राम चूर्ण और अदरक का 5 ग्राम रस मिलाकर सेवन करने से उदरशूल नष्ट हो जाता है.
  4. 3 ग्राम दालचीनी के चूर्ण में 3 ग्राम केसर का चूर्ण मिलाकर हल्के गर्म जल के साथ सेवन करने से उदरशूल नष्ट होता है.
  5. सोंठ, हींग और सहजने की छाल, इन तीनों चीजों को बराबर मात्रा में लेकर, किसी खरल में जल के साथ घोटकर, शुष्क होने पर छोटी छोटी गोलियां बना लें. उदरशूल होने पर दिन में दो तीन बार जल के साथ गोलियों का सेवन करने से शूल तुरंत नष्ट होता है.
  6. नीलगिरी के तेल की 5-6 बुँदे 5 ग्राम शक्कर में मिलाकर सेवन करने से उदरशूल शीघ्र नष्ट हो जाता है.
  7. भांगरे के 10 ग्राम पत्तों को पीसकर जल में मिलाकर, उसमें थोड़ा सा काला नमक डालकर, छानकर पीने से उदरशूल शीघ्र नष्ट होता है.
  8. सेंधा नमक, काला नमक और वीड लवण (नौसादर), चव्य, सोंठ, पिप्पली मूल, हिंग और चित्रक को बराबर मात्रा में लेकर, कूट-पीसकर खूब बारीक चूर्ण बना लें. 3 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल के साथ दिन में दो तीन बार सेवन करने से उदरशूल नष्ट हो जाता है.
  9. सोंठ की जड़, एरंड की जड़, बड़ी और छोटी कटेरी, गोकुल और खरैटी को जल में उबालकर क्वाथ (काढ़ा) बना लें. इस क्वाथ को छानकर उसमें थोड़ी सी हींग मिलाकर सेवन करने से वात विकारों के कारण उत्पन्न उदरशूल नष्ट हो जाता है.
  10. सोंठ, हींग, काला नमक और कंजा की मींगी, सब चीजें बराबर मात्रा में लेकर, कूट पीसकर चूर्ण बना लें. 3 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल के साथ सेवन करने से वायु विकार से उत्पन्न उदरशूल शीघ्र नष्ट हो जाता है. दिन में दो-तीन बार भी सेवन कर सकते हैं.
  11. हरड़ों को गोमूत्र में पकाकर, सुखाकर रखें. फिर हरड़ों को कूट पीसकर चूर्ण बना लें. इस चूर्ण में बराबर मात्रा में मंडूर भस्म मिला लें. इस चूर्ण में बराबर मात्रा में मंडूर भस्म मिला लें. 3 ग्राम चूर्ण जड़ के साथ सेवन करने से सब तरह के उदरशूल नष्ट हो जाते हैं.
  12. अगर को 10 ग्राम मात्रा में लेकर जल के साथ पीसकर पेट पर लेप करने से कुछ ही देर में उदरशूल नष्ट हो जाता है. शीत ऋतु हो तो अगर को हल्का सा गरम करके लेप करना चाहिए.
  13. काला नमक और अजमोद 10-10 ग्राम मात्रा में लेकर, कूट-पीसकर बारीक चूर्ण बना लें. 3 ग्राम चूर्ण को हल्के गर्म जल के साथ सेवन करने से उदरशूल नष्ट होता है.
  14. हींग और सेंधा नमक गोमूत्र के साथ गर्म करके पेट पर लेप करने से तुरंत शूल नष्ट हो जाता है.
  15. चंपा के ताजे व कोमल पत्तों को कूट-पीसकर किसी कपड़े में बांधकर, उस का रस निकालें. 5 ग्राम रस में मधु मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीने से उदरशूल जल्दी नष्ट होता है.
  16. अनार का रस पीने से उदरशूल नष्ट हो जाता है.
  17. खुरासानी अजवायन का 3 ग्राम चूर्ण गुड़ के साथ सेवन करने से उदरशूल का निवारण होता है.
  18. बड़ी इलायची का चूर्ण बनाकर एक या 2 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल के साथ सेवन करने से उदर शूल से मुक्ति मिलती है.
  19. अश्वगंधा का 3 ग्राम चूर्ण लेकर उसमें 1 ग्राम इलायची का चूर्ण मिलाकर जल के साथ सेवन करने से गर्भावस्था में उत्पन्न उदरशूल नष्ट होता है.
  20. अदरक के 5 ग्राम रस में नींबू का 5 ग्राम रस मिलाकर, उसमें 2 ग्राम काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से बहुत जल्दी उदरशूल नष्ट होता है.
  21. दालचीनी को खूब बारीक पीसकर 1 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल के साथ सेवन करने से उदरशूल पलक झपकते नष्ट होता है.
  22. अनार के सूखे दानों को कूट पीसकर बारीक चूर्ण बना लें. 3 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल के साथ सेवन करने से उदरशूल नष्ट होता है. दिन में कई बार भी चूर्ण का सेवन कर सकते हैं.
  23. सोंठ, हरड़, सेंधा नमक, निशोथ और पीपल, इन सभी वनौषधियों को 10-10 ग्राम मात्रा में लेकर कूट-पीसकर बारीक चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को कपड़े से छानकर रखें. 3-3 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल के साथ सेवन करने से उदरशूल नष्ट होता है.
  24. एरंड की जड़ की छाल को अगर के साथ पीसकर हल्का सा गर्म करके पेट पर लेप करने से उदरशूल नष्ट हो जाता है. शीत ऋतु में उत्पन्न उदरशूल शीघ्र नष्ट होता है.
  25. गजपीपल का चूर्ण बनाकर 2-3 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल के साथ सेवन करने से उदरशूल नष्ट होता है.
  26. चित्रक, आंवला, सोंठ,सोंवचेल, इलायची और अजमोद को 10-10 ग्राम मात्रा में लेकर सबको अलग-अलग कूट-पीसकर बाद में एक साथ मिलाकर रखें. 3-3 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल के साथ सेवन करने से उदर शूल की विकृति नष्ट होती है.

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