डायबिटीज में शरीर के अंदर ग्लूकोज की मात्रा अनियंत्रित हो जाती है  या ग्‍लूकोज़ की मात्रा अधिक हो जाती है तो यही ग्लूकोज पेशाब के माध्यम से बाहर निकलने लगता है | कभी शरीर में ऐसी भी स्थिति आती है शरीर ग्लूोकोज को जरूरत के हिसाब से शोषित नहीं कर पाता है | ऐसी स्थिति Read More →

डायबिटीज एक खतरनाक रोग का रूप धारण कर चुका है जिसका एलोपैथी में कोई सही इलाज नहीं होने के कारण आयुर्वेद में निर्भरता बढ़ गयी है | आयुर्वेद के माध्यम से इसा रोग पर काफी रोक लगा सकते है | इस रोग के कुछ लक्षणो के बारे में नीचे दिया जा रहा है लेकिन इसके Read More →

जिस आनन्द की आदत युवा अथवा बाल्यावस्था की भूल से हो जाती है उसके फलस्वरूप वे गुप्त रोगों से ग्रस्त हो जातें हैं | अधिकाँश गुप्त रोगों के शुरूवात 14 से 18 वर्ष की उम्र में हो जाता है | दुराचारी जनों के सम्पर्क में, जो लोग अश्लील बातों को करके, सम्भोग के आनन्द का Read More →

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इमली के औषधीय गुण (१)    वीर्य – पुष्टिकर योग : इमली के बीज दूध में कुछ देर पकाकर और उसका छिलका उतारकर सफ़ेद गिरी को बारीक पीस ले और घी में भून लें, इसके बाद सामान मात्रा में मिश्री मिलाकर रख लें | इसे प्रातः एवं शाम को  ५-५ ग्राम दूध के साथ सेवन Read More →

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पेशाब में जलन होने पर : हरे आंवले का रस 50 ग्राम , शहद 20 ग्राम दोनों को मिलाकर एक मात्रा  तैयार करे | दिन में दो बार लेने से मूत्र पर्याप्त होगा और मूत्र मार्ग की जलन समाप्त हो जायेगी | कृमि पड़ना – खान–पान की गडबडी के कारण यदि पेट में कीड़े पड़ Read More →

शराब पीना और विशेषरूप से धूम्रपान के साथ शराब पीना बहुत ही खतरनाक है | इससे अनेकों रोग जैसे कैंसर (मुह का ), महिलाओं में स्तन कैंसर, आदि रोग होते है | ऐसे बुरे व्यसन (आदत) एक मानसिक बीमारी है और इसे को छुडाने के लिए मानसिक बीमारी जैसे इलाज की आवश्यकता होती है | Read More →

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अरबी, घुईया के औषधीय गुण – जलना- जले हुए स्थान पर अरबी पीसकर लगाने से फेफोले नही पड़ते और जलन भी समाप्त हो जाती है। सूखी खासी- सूखी खासी में अरबी की सब्जी खाने से कफ पतला होकर बाहर निकल जाता है। हृदय रोग- बड़ी इलायची, काली मिर्च, काला जीरा, अदरक आदि से तैयार अरबी की सब्जी कुछ Read More →

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अदरक के औषधीय गुण अपस्कार मिरगी- गला रूध कर आवाज निकलना, बेहोशी, दात भिंच जाना, पीड़ा आदि की स्थिति में 25 ग्राम अदरक का रस निकालकर कुछ गर्म करके रोगी व्यक्ति को पिलाना चाहिये। बहुमूत्र- अदरक के रस में मिश्री मिलाकर सेवन कराने से बहुमूत्र में लाभ होता है। हृयद शूल या छाती की पीड़ा भी Read More →

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अजवायन के औषधीय गुण वायु के दर्द या कफ जमने पर- किसी प्रकार का वायु दर्द हो या सन्धियों में पिड़ा हो अथवा उदर शूल हो या फिर सर्दी के कारण छाती में बलगम जम गया हो इन सभी मर्जो पर अजवायन के तेल की मालिश करनी चाहिये। अजवयान तेल वैसे तो बाजार में मिल जाता Read More →

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अलसी या तीसी के औषधीय गुण और रोगों के इलाज के बारे में नीचे दिया जा रहा है – श्वास कास- 1. अलसी के दाने कूट छानकर जल में उबाल ले। उसके बाद पिसी मिश्री 20 ग्राम (जाड़े की ऋतु में शहद) मिला सेवन कराते रहने से श्वास कास में लाभ होता है। 2. अलसी के साबुत दाने 5 ग्राम चादी (चादी न हाने पर कासा) की कटोरी में 40 ग्राम Read More →