गेहूं पूरे भारत देश पाया जाता और किसी न किसी रूप में सभी इसे खाते है | लेकिन इसका उपयोग उपचार के लिए कैसे करे इसकी जानकारी काफी कम लोगों को है | अतः हमने यहाँ पर गेहूं के कुछ औषधीय गुण और घरेलू उपचार दिये है जिससे आपको काफी जानकारी मिलेगी |   1. Read More →

प्रायः लोगों में समय के साथ भूलने की बीमारी हो जाती है जैसे कि कोई सामान बाजार से लाना था और बाजार गए भी लेकिन बिना सामान लाये ही घर वापस आ गये | घर आकर याद आता है क्या सामान लाना था | मोबाईल हाथ में लिए है लेकिन सारा घर मोबाईल खोज रहें Read More →

काग ( कउआ) का गिरना पहचान – इस रोग में गले के पास अंदर की तरफ जो काग होता है, उसमे सूजन आ जाती है तथा भयानक दर्द होता है | 1. यदि प्यास भी बहुत लगती हो तो पीपल की छाल को जलाकर थोड़े पानी में बुझाकर पानी पिलाये | इससे प्यास भी जाती रहेगी Read More →

आज हम यहाँ पर आप को तेल और मालिश से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बतायेंगे | तेल मालिश करना एक आयुर्वेदिक प्रक्रिया है मालिस से हमारे पूरे शरीर में खून का दौरा बढ़ जाता है और पाचन शक्ति तेज हो जाती है, पेट साफ हो जाता है तथा आंते, दिल, फेफड़े Read More →

कान का बहरापन और दर्द की दवा एक भाग अदरख का रस और चार भाग ऊंट का मूत्र मिलाकर कान में टपकायें | इससे कान का बहरापन और दर्द दोनों दूर होते है | कपड़े में रखकर लाल मिर्च थोड़े से पानी में मलें और पानी को उस कान में जिसमे दर्द न हो तीन-चार Read More →

 दांतों के विभिन्न रोग एवं इनका घरेलू इलाज  दांतों के नीचे कपूर का टुकड़ा दबाने से दर्द दूर हो जाता है, यदि सुराख़ हो गया हो तो उसमे कपूर भर देने से सुराख़ नही बढेगा और कीड़े मर जायेगे| छोटी कटारी का सूखा हुआ फूल चिलम पर रखकर पिये और उसका धुवाँ मुह में रोक Read More →

पोलियो से बचने के लिए जानें क्या हैं इसके लक्षण हमारे देश में ज्यादातर बच्चे पोलियो की समस्या से ग्रस्त हैं। पोलियो के लक्षण में पेट में दर्द, मितली व उल्टी की समस्या हो सकती है। पोलियो ड्रॉप की नियमित खुराक पिलाने से बच्चों को इस समस्या से बचाया जा सकता है। जिस अंग में Read More →

कंठमाला लसीका ग्रंथियों का एक चिरकारी रोग (chronic disease) है। इसमें गले की ग्रंथियाँ बढ़ जाती हैं और उनकी माला सी बन जाती है इसलिए उसे कंठमाला कहते हैं। आयुर्वेद में इसका वर्णन ‘गंडमाला’ तथा ‘अपची’ दो नाम से उपलब्ध है, जिन्हें कंठमाला के दो भेद या दो अवस्थाएँ भी कह सकते हैं। गले के Read More →

आवश्यक निर्देश चैत्र माह में नया गुड़ न खाएं बैसाख माह में नया तेल न लगाएं जेठ माह में दोपहर में नहेम चलना चाहिए अषाढ़ माह में पका बेल न खाएं सावन माह में साग न खाएं भादों माह में दही न खाएं क्वार माह में करेला न खाएं कार्तिक माह में जमीन पर न Read More →

खुनाक रोग (गले के अंदर सूजन) की घरेलू दवा पहचान – गले के अंदर सूजन आ जाती है | जिससे कोई चीज खाने-पिने अथवा थूक निगलने में भी बहुत दर्द होता है | इलाज – चार माशे महुवे की गुठली बारीक पीसकर फॉक ले और ऊपर से दो घूंट ताजा पानी पिये | इससे शीध्र Read More →