सिल रोगों की दवा

पहचान – इसमें फेफड़े में जख्म हो जाता है और खांसने पर पीव आती है तथा बराबर बुखार बना रहता है |

इलाज :

  1. पांच माशे मुल्तानी मिट्टी पानी में घोलकर पीते रहे और ऊपर से खुफ़ का रस पिए इससे यदि थूक में खून आता हो तो बंद हो जायेगा |
  2. पपड़ी कत्था तीन माशे, गेरू तीन माशे, अफीम एक माशे, संगजराह साढे तीन माशे, जहर मुहरा खटाई डेढ़ मासे, खसखस सवा माशे इन सबको कूटकर छान ले और चने के बराबर गोलिया बनाकर दो-दो गोलियां सुबह-शाम लेते रहे | इससे सिल रोग ठीक हो जाता है |
  3. शहद में पिया बासा के छः मासे सूखे पत्ते पीसकर मिला दे | इसे खाने से थूक में खून आना बंद हो जाएगा |
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